बोर्ड के अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों को दी शुभकामनाएं
बोर्ड के मुताबिक, पुरुष वर्ग में महोबा के योगेन्द्र सिंह, सुलतानपुर के अब्दुल्ला अली, वाराणसी के मनीष त्रिपाठी, मेरठ के अरविंद सिंह गिल, गोरखपुर के मिथिलेश भट्ट पहले पांच स्थानों पर चयनित हुए हैं। वहीं, बुलंदशहर की वंदना रानी व दीपांशी शर्मा, आगरा की मोनिका बघेल, कानपुर देहात की दीपाली देवी और महोबा की पूजा पहले पांच स्थानों पर चयनित हुई हैं। बोर्ड के अध्यक्ष राजीव कृष्ण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी हैं।
बड़े भाई ने दिखाई दिशा तो भाई-बहन ने पास की परीक्षा
जयसिंहपुर (सुलतानपुर): सुमेरपुर सनकड़िया गांव के शिवम अग्रहरि का सपना था कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती होकर सेवा करें। इसके लिए उन्होंने इंटरमीडिएट के साथ ही पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू की और वर्ष 2021 में पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) में भर्ती हो गए। बड़े भाई की इस उपलब्धि से प्रेरित होकर उनके छोटे भाई सत्यम अग्रहरि और बहन अंशू ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती होने का संकल्प लिया। बड़े भाई के मार्गदर्शन में मेहनत रंग लाई और भाई-बहन ने परीक्षा में सफल होकर सपने को साकार किया। पिता राजेंद्र अग्रहरि ने बताया की बच्चों का समर्पण, मेहनत व लगन देखकर उन्हें ऐसे ही परिणाम की उम्मीद थी। सत्यम व अंशू ने बताया की उन्होंने बड़े भाई के मार्गदर्शन व खुद के मेहनत से कामयाबी की मंजिल हासिल की। सूबेदार बंसल, जगदंबा सिंह, रामजी गुप्ता, संजय सिंह ने इनसे अन्य युवाओं को सीख लेने की बात कही है।
एक साथ सिपाही बने सगे भाई
लंभुआ (सुलतानपुर) : मदनपुर पनियार के निजामुद्दीन पेशे से व्यवसायी हैं। उनके चार बेटे व तीन बेटियां हैं। बड़ा बेटा व्यवसाय से जुड़ा है। दो भाइयों मो. सलमान अली व मो. सैयद शाहबाज अली का सिपाही के लिए चयन हुआ है। तीसरे भाई का कुछ नंबरों से चयन नहीं हो पाया। दोनों भाइयों के चयन पर परिवार के साथ गांव में खुशी का माहौल है। चयनित ने कहा कि अगर सच्चे दिल व दिमाग से कोई सपना देखा जाए, तो उसे पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता।
एक ही गांव के छह युवा बने सिपाही
कुड़वार (सुलतानपुर) : नौगवांतीर गांव के छह युवकों का सिपाही पद पर चयन हुआ है। विनोद सिंह की दो बेटी खुशी सिंह व नेहा सिंह व बेटे आदर्श सिंह का एक साथ चयन हुआ। विनोद सिंह ने खेती-किसानी करके बच्चों को शिक्षा दिलाई। इन बच्चों ने अपनी मेहनत व लगन के साथ पढ़ाई कर सफलता हासिल की। इसी गांव के स्व. बब्बन सिंह के बेटे धर्मेन्द्र सिंह, सुनील सिंह के बेटे आशुतोष सिंह व शंकर सिंह के बेटे उग्रसेन सिंह का चयन भी हुआ है। युवकों ने इसे अपनी मेहनत का परिणाम बताते हुए अन्य को मंजिल पाने के लिए प्रेरित किया।

