पुलिस ने जांच के बाद किया पर्दाफाश
कढ़ी खाने से मौत की गढ़ी थी कहानी
सहायक पुलिस आयुक्त अंकुर विहार अजय कुमार सिंह ने बताया कि 13 मार्च को लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र एक कॉलोनी में एक व्यक्ति ने सूचना दी कि पड़ोसी के यहां से आई कढ़ी खाने से उनकी उनकी पत्नी और पांच बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।
पांचों बच्चों को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां सात साल की एक बच्ची की मौत हो गई। तीन बच्चों को डाक्टरों ने घर भेज दिया था। स्वजन ने बच्ची का दिल्ली में पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था और शव ले आए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुल गया सारा भेद
सूचना पर पहुंची लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने जांच पड़ताल की और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। व्यक्ति ने पड़ोसी महिला के खिलाफ बॉर्डर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कढ़ी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे।
दूसरे दिन पड़ोसी महिला को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दरिंदगी और गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। पेट में कढ़ी भी नहीं मिली तो पुलिस को संदेह हुआ और जांच शुरू की। सोमवार को आरोपित पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कैसे पकड़ में आया दरिंदा?
पुलिस के मुताबिक, आरोपित पिता ने पत्नी से संबंध बनाने के लिए कहा तो उसने इन्कार कर दिया। इसके बाद वह अपनी सात साल की बच्ची को साथ लेकर जाने लगा। पत्नी ने इसका विरोध किया तो वह साथ में सुलाने की बात कहकर ले गया। जहां उसने पिता और पुत्री के पवित्र रिश्ते को शर्मसार किया।
बच्ची से दरिंदगी की। बच्ची चिल्लते हुए मां के पास पहुंची। दर्द और ब्लीडिंग होने से बच्ची रो रही थी। पकड़े जाने के डर से आरोपित पिता ने गला दबाकर बच्ची की हत्या कर दी। पकड़े जाने के डर से दोस्त को कॉल कर बुलाया कि पड़ोसी के यहां से आई कढ़ी खाने से सबकी तबीयत खराब हो गई है।
बच्ची को बंगाली डॉक्टर के पास ले गया था आरोपी
बच्ची को बाइक से एक बंगाली डॉक्टर के पास ले गया। उसने इलाज करने से इनकार कर दिया तो दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शक न हो तो अन्य बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने अन्य बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी।
इसी बीच आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पुलिस ने जांच शुरू की। आरोपित खुद बीमारी का बहाना करता रहा।पुलिस ने उसकी जांच कराई तो बीपी, ईसीजी सब सामान्य रहा। जांच में यह भी सामने आया कि बच्ची घर से बाहर नहीं गई, घर में कोई आया भी नहीं।
पिता बीमारी का बहाना करता रहा। शक होने पर पुलिस ने स्वजन से जानकारी की तो पूरा मामला खुलकर सामने आया। आरोपित ने अपना जुर्म स्वीकार किया। पकड़े जाने के डर से बचने के लिए कढ़ी खाकर बीमार होने की कहानी रची थी।

