गाजियाबाद। दिन में स्ट्रीट लाइट जलने या खराब होने की सूचना अब अधिकारियों के पास तुरंत पहुंचेगी। इतना ही नहीं कंप्यूटर पर केवल एक क्लिक से लाइटों को बंद और चालू किया जा सकेगा।
नगर निगम ने आधुनिक तकनीक से स्ट्रीट लाइट के खंभों पर सिम आधारित पैनल लगवाया है, जिसकी मदद से कंप्यूटर से लाइटों को ऑन-ऑफ किया जा सकेगा।

लाइट का लोड बढ़ने पर क्या होगा?

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एलिवेटेड रोड पर करीब 1,000 लाइटों में आधुनिक पैनल लगाए गए हैं, जिसके माध्यम से समय से लाइटों को निर्धारित समय से चालू और बंद किया गया।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि एलिवेटेड रोड की एक हजार लाइटों को कंप्यूटराइज किया गया है। इसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स के आधार पर लाइटों के कंप्यूटराइज ऑन-ऑफ के पैनल लगाए गए हैं।
इस प्रकार रियल टाइम मॉनिटरिंग भी बढ़ रही है कोई भी लाइट का फेस ऊपर नीचे होता है, तो उसका भी कंट्रोल इस पैनल के माध्यम से किया जा सकेगा। लाइट का लोड बढ़ने पर भी पैनल के माध्यम से कंट्रोल बना रहता है, जिससे लाइटों के खराब होने की कम आशंका रहती है।

ऐसे काम करेगा पैनल

  • राष्ट्रीय राजमार्ग, हाइवे, प्रमुख बाजार जहां एक साथ कई लाइटें लगी होती हैं, वहां सिम बेस्ड पैनल को लगाया जाएगा।
  • यह हर महीने रिचार्ज होगा और एक पैनल से 70 से 80 लाइट जुड़ सकेंगी। इनका एक्सेस मोबाइल या मुख्यालय के कंप्यूटर पर होगा।
  • एलिवेटेड रोड पर सभी 1000 लाइट पर 13 पैनल लगे हैं, जिसका एक्सेस प्रकाश विभाग के सह प्रभारी आश कुमार के मोबाइल पर है।
  • पैनल के माध्यम से हाइ-वोल्टेज, ओवरलोड, फाल्ट, की जानकारी मिल सकेगी।
  • स्क्रीन पर लाल रंग लाइटों के बंद की स्थिति और हरा रंग लाइटों के चालू रहने की स्थिति को बताता है।

पैनल से जुड़ेंगी हिंडन एयरपोर्ट तक की लाइटें

एलिवेटेड रोड के बाद नागद्वार से हिंडन एयरपोर्ट तक की लाइटों को भी पैनल से जोड़ने की तैयारी चल रही है। सह प्रभारी आश कुमार ने बताया कि जीडीए के समय में एलिवेटेड रोड पर लाइटों के लिए लगे पैनल मैन्युअल ऑपरेट होते थे, इसको आधुनिक पैनल से जोड़ा गया है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा लगाई गई एलिवेटेड पर लाइटों के पैनल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इनको बदलते हुए आधुनिक तकनीकी के क्रम में कंप्यूटराइज्ड किया गया है। इसके माध्यम से बिजली खपत की स्थिति भी संबंधित अधिकारी देख सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed