आगरा। कोचिंग में साथ पढ़ने वाली युवती को पुलिस में भर्ती करवाने का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपित को छह माह बाद हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी। आरोपित ने अपने वकील के माध्यम से कहा था कि दोनों सहमति से शादी करने के लिए तैयार हैं। कोर्ट ने कहा है कि रिहाई के तीन महीने के अंदर शादी करनी होगी।
राजस्थान के सीकर के नरेश मीणा के खिलाफ युवती ने 21 सितंबर 2024 को खंदौली थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था।

यूपी पुलिस भर्ती में पास कराने का दिया था झांसा

युवती का आरोप था कि नरेश ने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में पास कराने का झांसा दिया। नौ लाख रुपये में बात तय कर 17 फरवरी, 2024 को परीक्षा दिलाने के लिए आगरा लाया था। मेडिकल पास कराने की बोलकर होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बना लिया। वीडियो प्रसारित करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। विरोध करने पर वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित कर दिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

गंभीर और घृणित मानते हुए पहले नामंजूर की थी जमानत, अब हाईकोर्ट ने दी बेल

जिला जज विवेक संगल ने तीन अक्टूबर, 2024 को आरोपित का कृत्य गंभीर और घृणित मानते हुए जमानत का प्रार्थना पत्र अस्वीकृत कर दिया था। इसके बाद आरोपित ने अधिवक्ता नीरज पाठक के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत की अपील की थी। इसमें दोनों पक्ष की ओर से शादी करने पर सहमति दी थी। हाईकोर्ट ने जेल से रिहाई के तीन माह के अंदर पीड़िता से विवाह करने की शर्त पर जमानत याचिका स्वीकृत की है।

सैंया में सात वर्षीय बालक का अपहरण कर हत्या के मुकदमा में न्यायालय ने इरादतनगर के अनिल सिंह को दोषी माना है। जिला जज विवेक संगल ने आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वादी गांव रजपुरा के लोकेंद्र सिंह ने सैंया थाना में एक सितंबर, 2019 को अपने पुत्र धनराज की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने अनिल सिंह को हिरासत में लिया था।

उसकी निशानदेही पर 13 सितंबर को गांव में एक बाजरे के खेत से बालक का कंकाल और कपड़े बरामद कर पोस्टमॉर्टम और डीएनए जांच कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर अपहरण, हत्या और साक्ष्य नष्ट करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अनिल को जेल भेजा था।

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