रेस्क्यू टीम में ये रहे शामिल
रेस्क्यू टीम में माला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रोबिन कुमार, वन दारोगा दीपक कुमार, राम भरत यादव, मोहित कुमार, रंजीत आदि शामिल रहे। इनके अलावा सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर शेर सिंह, नवीन बोरा भी मौके पर पहुंचे। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार सुबह जंगल से निकलकर एक भालू रेलवे स्टेशन पर जा पहुंचा था। जिसे सुरक्षित ढंग से रेस्क्यू करने के बाद वापस जंगल में छोड़ा गया है।
एक घंटे तक स्टेशन पर रहा भालू
रेलवे स्टेशन पर करीब आधा घंटे तक भालू की दहशत रही। सुबह साढ़े छह बजे भालू को टहलते हुए देखा गया। निकट ही वन विभाग की चौकी है। ऐसे में सूचना पाते ही वन कर्मियों की टीम मौके पर जा पहुंची। इस बीच भालू टहलते हुए निकट के एक गड्ढे में जाकर बैठ गया। इस पर वन कर्मियों ने गड्ढे के आसपास खाबर दिया। साथ ही मौके पर पिंजरा मंगा लिया गया। गड्ढे से बिल्कुल सटाकर पिंजरा हो गया गया। कर्मियों ने गड्ढे में बैठे भालू के आसपास डंडा फटकारा तो भालू स्वयं पिंजरा में चला गया। तुरन्त ही उसे पिंजरा को बंद कर लिया गया।टाइगर रिजर्व के जंगल के बीचोंबीच है माला स्टेशन
पीलीभीत-मैलानी रेल खंड पर माला रेलवे स्टेशन टाइगर रिजर्व के जंगल के बीचोंबीच है। यह माला रेंज के अंतर्गत आता है। इसीलिए स्टेशन का नाम माला पड़ा। माला स्टेशन के आसपास बस्ती भी है। बस्ती के लोगों ने ही सबसे पहले भालू को देखा था।

