पति का परचूनी का थाेक का काम
आत्महत्या की धमकी देती थी पत्नी
कांउसलिंग में पति ने बताया कि शादी के दो महीने बाद ही पत्नी बात-बात पर आत्महत्या की धमकी देती थी। वह और परिवार के लोग तनाव में आ गए। परिवार वालों ने तीन महीने पहले उसे घर और अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया। उसे अपने बेदखल होने का दुख नहीं है, स्वजन उससे बात करने से डरने लगे।घर पर आकर मिलना-जुलना छोड़ दिया।
काउंसलर और पुलिस के समझाने पर तैयार हुआ पति
काउंसलर और पुलिस के समझाने पर पति अपनी पत्नी को ले जाने को तैयार हो गया। मगर, पत्नी के साथ आए मायके वालों के सामने शर्त रख दी कि वह भी अपनी बेटी को बेदखल करें, तभी साथ लेकर जाएगा। पत्नी से कोई संबंध नहीं रखेंगे, उसे काल नहीं करेंगे। बहुत जरूरी होने पर उसके मोबाइल पर कॉल करेंगे। वह पत्नी की बात उनसे कराएगा। मायके वालों को पति की शर्त माननी पड़ी। पुलिस को लिखकर दिया कि वह बेटी से कोई संबंध नहीं रखेंगे। जिसके बाद पति ने पत्नी के गले में फूलों की माला पहनाई।
काउंसलिंग के बाद 15 दंपतियों में सुलह
परिवार परामर्श केंद्र की नोडल प्रभारी अपर पुलिस उपायुक्त पूनम सिरोही ने बताया कि रविवार को कांउसलिंग के बाद 30 जोड़़ों को बुलाया गया था। काउंसलिंग के बाद 15 जोड़ों में सुलह हो गई।

