लखनऊ। भारतीय स्टेट बैंक से ठगी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी कार्रवाई शुरू की है। स्टेट बैंक की लखीमपुर में गोला गोकर्णनाथ शाखा के तत्कालीन फील्ड ऑफिसर संजीव यादव व अन्य अधिकारियों ने फर्जी ढंग से कई खातों की कैश क्रेडिट लिमिट बढ़ाकर करोड़ों रुपये का गबन किया था।
ईडी ने आरोपी संजीव यादव की 1.53 करोड़ रुपये की सात संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें गाजीपुर, संभल व वाराणसी स्थित आवासीय भूखंड व मुरादाबाद स्थित कृषि भूमि शामिल है। ईडी की जांच में सामने आया कि 47 कैश क्रेडिट/टर्म लोन खातों में धांधली कर 6.82 करोड़ रुपये का गबन किया गया था।
2020 में सामने आया था धांधली का मामला
स्टेट बैंक में धांधली का यह मामला जनवरी 2020 में सामने आया था। आरोप था कि आरोपित संजीव यादव ने जून 2018 से 31 दिसंबर, 2019 के मध्य कई खाता धारकों की कैश क्रेडिट लिमिट बिना उच्च अधिकारियों की स्वीकृति के बढ़ा दी थी और खातों से रकम हड़प ली थी। मामले में बैंक अधिकारियों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।
आरोपी संजीव यादव को भेजा था जेल
पुलिस ने आरोपित संजीव यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में लखनऊ सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। ईडी ने सीबीआई की एफआईआर को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपी ने अनाधिकृत रूप से रूप से कैश क्रेडिट की राशि बढ़ाई और नकद रकम निकाल ली थी।

