गुरुग्राम। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के जिला नगर योजनाकार इन्फोर्समेंट ने रिहायशी मकानों या प्लॉटों पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। उन्होंने डीएलएफ फेज-दो का निरीक्षण कर पता कर लिया है कि कहां-कहां अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।

डीटीपीई ने बृहस्पतिवार सुबह सबसे पहले यहां पिछले दिनों की गई तोड़फोड़ वाली जगहों का मुआयना किया। सेंट्रल आर्केड मार्केट के कामन एरिया में अवैध रूप से बनाए हुए स्ट्रक्चर की जगह को देखा। जहां इक्का दुक्का रेहड़ी देखने को मिली।

इसके बाद दक्षिण मार्ग के रिहायशी प्लॉटों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर हुई तोड़फोड़ की जगह जहां फिर से दुकानों सजने लग गई। इसके बाद इलाके के सभी मुख्य और अंदर की सड़कों का भी सरसरी तौर पर निरीक्षण किया।

150 मकानों को जारी किया गया नोटिस

इन सड़कों में बोगनविलिया मार्ग, दक्षिण मार्ग, आकाशनीम मार्ग, जकरंडा मार्ग, गुलमोहर मार्ग समेत के एल, के, जे, पी ब्लॉकों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सर्वे के अलावा कई ऐसे मकानों को चिन्हित किया गया जिनमें अवैध निर्माण या व्यवयायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं। ऐसे 150 मकानों को नोटिस जारी कर दिया गया है।

व्यावसायिक गतिविधियों पर कसेगा शिकंजा

डीटीपीई अमित मधोलिया का कहना है कि डीएलएफ फेस दो स्थित सेंट्रल आर्केड मार्केट और रिहायशी प्लॉटों में चल रही मंडी तथा अन्य दुकानों की मौके से जानकारी जुटा ली गई है। इसमें अब प्लॉट मालिकों की जानकारी भी मांगी गई है। इन्हें कारण बताओ नोटिस तो जारी कर दिए गए हैं। अब जल्द ही इनके विरुद्ध एफआईआर की सिफारिश की जाएगी। इसके अलावा दोबारा से तोड़फोड़ की प्लानिंग भी कर ली गई है।

प्लान डीसी के पास स्वीकृति के लिए भेजा हुआ है। फरवरी माह में कभी भी डीएलएफ फेस दो में दोबारा से तोड़फोड़ अभियान चलाया जा सकता हैं। इस दौरान मार्केट के अंदर बाहर जो भी रेहड़ी या व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन पाया जाएगा, उन पर पीला पंजा चलाया जाएगा। अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सदर बाजार में अतिक्रमण हटा न हुआ सुंदरीकरण

पांच साल बीतने के बाद भी सदर बाजार के हालात नहीं सुधरे हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने दो सप्ताह पहले सदर बाजार से अतिक्रमण हटाने और चार पहिया वाहनों की बाजार में एंट्री बंद करने के दावे किए थे। लेकिन न तो अतिक्रमण हटा और न ही वाहनों की एंट्री बंद हुई है। दिनभर बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को परेशानी होती है।

पिछले दिनों एन्फोर्समेंट टीम ने भी बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन इसका भी कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है। दुकानदारों ने दुकानों के आगे सामान रख लिया है। रेहड़ियों के बाजार की गलियों में खड़ा होने के कारण पैदल चलने का रास्ता भी नहीं बचा है। बाजार की 30 फुट चौड़ी गलियां छह से सात फुट में सिमट गई हैं।

बाजार में ऑटो रिक्शा, दुपहिया वाहन से लेकर कारें और बड़े वाहन दिनभर घूमते हैं। इसके कारण ग्राहकों को परेशानी होती है। 2021 में सुंदरीकरण की योजना बनी थी स्ट्रीट्स फार पीपल चैलेंज के तहत वर्ष 2021 में नगर निगम ने सदर बाजार को चलने योग्य बनाने और इसके सुंदरीकरण करने के लिए एक सप्ताह का ट्रायल किया था। बाजार में गमले और बेंच आदि लगाए गए थे, लेकिन योजना इससे आगे नहीं बढ़ी और बाजार व्यवस्थित नहीं हो पाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *