महाकुंभ नगर। महाकुंभ मेले में मंगलवार देर रात हुई भगदड़ ने तमाम श्रद्धालुओं के मन में पुरानी याद ताजा कर दी। मेला क्षेत्र में मौजूद कुछ स्नानार्थियों को जब पता चला कि संगम क्षेत्र के आसपास भदगड़ में कई की जान गई है तो वह हतप्रभ रह गए।
रमेश कुमार ने कहा कि वर्ष 2013 में कुंभ के दौरान जंक्शन पर हुई भगदड़ में उनके पिता सकुशल बच गए थे। इस बार महाकुंभ में व्यवस्था बेहतर बताई गई लेकिन न जाने कैसे हृदयविदारक घटना हो गई। पुरानी यादों को ताजा करते हुए वह द्रवित हो गए। इसी तरह कई और श्रद्धालुओं ने पुरानी घटनाओं को याद करते हुए कुव्यवस्था को कोसते रहे।
जंक्शन पर भगदड़ में 36 लोगों की हुई थी मौत
वर्ष 2013 के कुंभ मेला के दौरान 10 फरवरी को मौनी अमावस्या का स्नान था। प्रयागराज जंक्शन पर बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंच चुके थे। सभी प्लेटफार्म ठसाठस भरे हुए थे। ओवरब्रिजों पर भी भारी भीड़ थी। शाम करीब सात बजे प्लेटफार्म छह की ओर जाने वाले फुट ओवरब्रिज की सीढिय़ों पर अचानक भगदड़ मची। धक्का-मुक्की में कई लोग ओवरब्रिज से नीचे जा गिरे जबकि कई लोगों को भीड़ ने कुचल दिया।

