मुज़फ्फरनगर,आज समाज मे धर्म को लेकर बहुत भ्रान्तियां फैली हैँ। सबसे अधिक भ्रान्ति सनातन धर्म मे हैँ। जिसके कारण आज समाज ईश्वर और आत्मा के अस्तित्व को नकार रहा है या अन्य मत मतांतरों को मानने और उनके अनुसार ही अपने जीवन को जीने पर विवश है जिस कारण आज व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से रोगी होता जा रहा है। इन रोगों को दूर करने के लिये आध्यात्म का सही स्वरुप कारगर साबित होता है जोकि प्राचीन काल मे व्यवस्थित रूप से नित्य किया जाता था। और देश विदेश से लोग इस विद्या को सीखने भारत आते रहे हैँ आज भी आते हैँ। परन्तु आज उन्हें सही सही बताने वाले ना के बराबर हैँ जिस कारण वो भटकते रहते हैँ। इसी संदर्भ मे कुछ विद्वान और पुरुषर्थी लोगों ने मिलकर *राष्ट्र दर्शन मंच* का निर्माण किया और समाज राष्ट्र तथा संसार को इस विद्या को सीखाने का संकल्प लिया।
यह लोग पहले से ही अन्य संगठनों से जुडकर देश भर मे विद्या सुरक्षा को लेकर कार्य करते रहे हैँ।

राष्ट्र दर्शन मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी इस प्रकार है..
अध्यक्ष दिनेश आर्य, महासचिव मणिप्रकाश सिंह,कोषाध्यक्ष विकास वर्मा,
उपाध्यक्ष राजकिशोर वर्मा,
उपाध्यक्ष दिग्विजय, उपाध्यक्ष विनोद आर्य, सचिव मनीष सैनी।
शिवम् चौधरी,परविंद्र सैनी,विपिन बालियान, प्रदीप शर्मा,मनोज त्यागी, सोमप्रकाश आर्य, कुलभूषण शर्मा , इन्द्रजीत आर्य ,धर्मप्रकाश आर्य जी, कृष्ण पाल आर्य आदि सदस्य बने।
आगे जिला कार्यकारिणी के लिये संगठन विस्तार करता रहेगा और सदस्य अभियान साथ साथ चलाता रहेगा।

