प्रयागराज। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के फाफामऊ-उग्रसेनपुर रेल मार्ग पर दोहरीकरण कार्य के लिए गंगा गोमती समेत 14 ट्रेनों को विभिन्न तिथियों पर चार जनवरी तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। गोरखपुर वंदे भारत, नौचंदी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें प्रयागराज नहीं आएंगी। इन्हें आंशिक रूप से निरस्त किया गया है।
ट्रेनों के न‍िरस्‍त होने से यात्रियों को चार जनवरी 2025 तक परेशानी उठानी पड़ेगी। वहीं 14101/ 14102 प्रयागराज संगम-कानपुर, लखनऊ इंटरसिटी, 04101/04102 प्रयागराज संगम-कानपुर अनवरगंज को तीन व चार जनवरी 2025 के ल‍िए निरस्त कर दिया गया है। गंगा गोमती एक्सप्रेस व सरयू एक्सप्रेस दो जनवरी को और 14234 मनकापुर जंक्शन-प्रयागराज संगम व गंगा गोमती तीन जनवरी तीन जनवरी को निरस्त रहेगी।

रायबरेली से चलेगी नौचंदी एक्‍सप्रेस

इसके अलावा 04245 प्रयागराज संगम-जौनपुर 28 दिसंबर से चार जनवरी तक, 04246 जौनपुर-प्रयागराज संगम 29 दिसंबर से पांच जनवरी तक, 05437 गाजीपुर-प्रयागराज संगम व 05438 प्रयागराज संगम-गाजीपुर सिटी मेमू 29 दिसंबर से चार जनवरी 2025 तक निरस्त रहेगी। नौचंदी एक्सप्रेस तीन और चार जनवरी को प्रयागराज संगम की जगह रायबरेली से चलेगी।

प्रयागराज जंक्‍शन से कानपुर जाएगी ऊंचाहार एक्सप्रेस

आपको बता दें क‍ि तीन जनवरी को गोरखपुर से वंदे भारत लखनऊ तक चलेगी। 04255/04256 प्रयागराज संगम-लखनऊ का संचालन प्रयागराज से प्रतापगढ़ तक नहीं होगा। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि फाफामऊ के रास्ते प्रयागराज आने वाली छह ट्रेनों को वाया मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी के रास्ते चलाया जाएगा। बुंदेलखंड, कामायनी समेत 12 ट्रेनें वाया प्रयागराज रामबाग-बनारस होकर चलेंगी। ऊंचाहार एक्सप्रेस प्रयागराज जंक्शन से कानपुर जाएगी।

46 ट्रेनों का जंक्शन व नैनी में अतिरिक्त ठहराव

महाकुंभ के दौरान ऐसी ट्रेनें जो प्रयागराज जंक्शन से गुजरती तो हैं लेकिन उनका ठहराव अभी तक यहां नहीं हो रहा था। उन्हें भी महाकुंभ के दौरान रोका जाएगा। ऐसी 46 ट्रेनों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें प्रयागराज जंक्शन के अलावा नैनी रेलवे स्टेशन पर भी अतिरिक्त ठहराव दिया जाएगा। इससे इन ट्रेनों से भी यात्री आवागमन कर सकेंगे।

विशेष ट्रेनों में 2,000 आउटवर्ड गाड़ियां होंगी, जबकि 800 इनवर्ड गाड़ियां होंगी। महाकुंभ के दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए रिंग रेल मेमू सेवा शुरू की जाएगी। इससे अयोध्या, काशी और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल संगम से जुड़ जाएंगे।

पूरी कर ली गईं हैं तैयार‍ियां

महाकुंभ 2013 में रेलवे ने 1,122 विशेष ट्रेनों का संचालन किया था। जबकि इस बार तीन हजार से अधिक विशेष ट्रेनों का संचालन होगा। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस पवित्र आयोजन के दौरान, रेलवे का उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और कुशल यात्रा सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंचकर इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बन सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *