वाराणसी। स्वामित्व योजना के तहत 27 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल लाभार्थियों से संवाद करेंगे और घरौनी वितरण करेंगे। देश स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बनारस के 3800 लाभार्थी को घरों का दस्तावेज मिलेगा। इसकी तैयारी जनपद में शुरू हो गई है।
स्वामित्व योजना तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आवासित ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाता है, जिनके पास अपने घरों का दस्तावेज नहीं है। सरकार की मंशा है कि इस तरह के लोगों की जमीन व आवास का कागजात उपलब्ध कराकर दबंगों के कब्जा से बचाया जाए। इस तरह के लोग अपनी जमीन पर बैंक कर्ज समेत अन्य सरकारी सुविधा का लाभ भी ले सकें।

यूपी के 18, 849 लाभार्थी लाभान्वित होंगे

जनपद में अब तक 47 हजार से अधिक लोगों को घरौनी यानी खतौनी उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में प्रदेश के एक मात्र जालौन जनपद को छोड़ शेष समस्त जिलों में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के 18, 849 व देशभर में 29 हजार 127 लाभार्थी लाभान्वित होंगे।

कार्यक्रम का होगा लाइव प्रसारण

अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन कुछ लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे। इसके बाद सांकेतिक रूप से कुछ को ऑनलाइन घरौनी जारी करेंगे। इसके बाद जनपद स्तर पर जिला व ब्लॉक मुख्यालय और ग्राम पंचायत स्तर पर इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होगा और कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधि लाभार्थियों को अपने हाथ से घरौनी का दस्तावेज सौंपेंगे।

नई योजना की प्रतीक्षा में आवास के 3000 आवेदन लटके

चंदौली। जनपद के निकायों में रहने वाले लगभग तीन हजार गरीब परिवारों की आस पर पानी फिर गया है। क्योंकि प्रधानमंत्री आवास शहरी के लिए नई योजना लागू होने वाली है। पिछले एक साल से आवास का इंतजार कर रहे इन लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। नई योजना के तहत आवेदकों को नए सिरे से आवेदन करना पड़ सकता है।

आवास को लेकर गरीब बेसहारा परिवार डूडा कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उन्हें एक माह बाद नए आवेदन करने की बात कहकर लौटा देते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 बंद होने जा रही है। दिसंबर 2024 से इसके समाप्त होने के बाद पीएम आवास 2.0 योजना लागू होगी। इससे पालिका व नगर पंचायतों में किए गए आवेदन अधर में लटके हैं। यह आवेदन पिछले एक साल से लंबित हैं। करीब आठ माह से नए आवेदन भी नहीं लिए गए हैं।

डूडा के अधिकारी अब नई योजना के तहत नए आवेदन किए जाने की बात कह रहे हैं। जनवरी में सरकार की नई गाइडलाइन आ सकती है। इसके बाद नए आवेदन शुरू होंगे और पुराने आवेदनों पर डूडा कार्यालय की तरफ से निर्णय लिया जाएगा। पुराने आवेदन नई योजना में शामिल किए जाएं या फिर नए आवेदन कराए जाएं। इसकी स्थिति अभी साफ नहीं है।

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