पुलिस ने कैसे की घेराबंदी?
गाजीपुर पुलिस की संयुक्त टीम मंगलवार सुबह चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को मुंह बांधकर आते देख रोकने का प्रयास किया गया लेकिन बाइक सवार तेज गति से पुलिस टीम पर मोटरसाइकिल चढ़ाने का प्रयास करते हुए बिहार बॉर्डर की ओर भागने लगा। जिसके बाद चौकी इंचार्ज द्वारा पहले से ही बिहार बॉर्डर पर तैनात स्वाट/ सर्विलांस व प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी गई।
सूचना पर पुलिस टीम ने बाइक सवार संदिग्ध व्यक्तियों की घेराबंदी कर दी गई। आगे भागने का रास्ता न होने पर एक बदमाश ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। जिस पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश को गोली लगी है। वहीं दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
क्या है पूरा मामला
21 दिसंबर को लखनऊ में पुलिस चौकी से मात्र सौ मीटर दूर इंडियन ओवरसीज बैंक की दीवार में सेंध लगाकर अंदर घुसे बदमाश चार घंटे तक लॉकर काटकर लूट करते रहे। गश्त करने वाली पुलिस भी घटना से अनभिज्ञ रही। देखते ही देखते बदमाशों ने बैंक के 90 में से 42 लॉकर काटकर उसमें रखा सामान पार कर गए। चोरी गए सामान का सटीक आकलन तो अभी तक नहीं हो सका है, लेकिन मोटा अनुमान है कि वे करोड़ों का सामान ले गए।
लॉकर में अधिकतर लोग ज्वेलरी रखते हैं। बैंक प्रबंधन चोरी गए सामान की सूची तैयार कर लॉकर बुक कराने वाले बैंक उपभोक्ताओं से संपर्क कर रहा है। बैंक मैनेजर तरफ से अज्ञात चोरों के खिलाफ चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
रविवार दोपहर डेढ़ बजे बैंक के बगल की दुकान के मालिक जफर ने दीवार को कटा देखा तो पुलिस को इसकी सूचना दी। बदमाश बैंक के पीछे खाली प्लॉट से दाखिल हुए थे, जिसकी दीवार टूटी थी। बैंक के पीछे की दीवार को करीब दो फीट गोलाई में काटकर चार बदमाश अंदर दाखिल हुए। अलार्म सिस्टम के तार को काटा। इसके बाद लॉकर रूम की दीवार को कटर से काटा और अंदर पहुंच गए।

