देहरादून। देहरादून की सबसे अधिक चौड़ी सड़क की बात करें तो वह है हरिद्वार बाईपास रोड। इसके बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग का यह हिस्सा वाहनों के मौजूदा दबाव को झेलने की सक्षम नहीं है। यह पूरी सड़क जाम का नया जोन बन गई है। बावजूद इसके यातायात पुलिस का ध्यान अभी शहर के अंदरूनी हिस्सों पर ही केंद्रित है। इस कारण जब भी हरिद्वार बाईपास रोड पर जाम की समस्या बढ़ जाती है तो पुलिस को जानकारी नहीं मिल पाती है या जानकारी देरी से मिलती है।
गुरुवार सुबह भी हरिद्वार बाईपास रोड भीषण जाम से जूझ रही थी। वजह यह थी कि बाईपास पुलिस चौकी के जंक्शन पर सीवर लाइन की मरम्मत के लिए एक दिन पहले से सड़क को खोद रखा है। इस कारण यहां बंगाली कोठी के छोर की एक ही लेन खुली है। इससे बचने के लिए तमाम लोग यू टर्न ले रहे थे या पास में एकमात्र उपलब्ध मोथरोवाला चौक की तरफ से सड़क पार करने का प्रयास कर रहे थे। जिसका असर यह हुआ कि बाईपास रोड का यह पूरा हिस्सा जाम से भर गया।

रेलवे ओवर ब्रिज भी वाहनों से पैक

अजबपुर रेलवे ओवर ब्रिज भी वाहनों से पैक था। कई वाहन जब आरओबी के ऊपर से वापस लौटने लगे थे। हालात और विकट हो गए। इसके बाद भी जाम को खुलवाने में पुलिस की भूमिका बेहद सीमित नजर आई। जाम की यह स्थिति करीब 45 मिनट तक रही। इस दौरान वाहन सरक भी बमुश्किल पा रहे थे।

हरिद्वार रोड पर जाम के छह जोन

हरिद्वार बाईपास रोड और रिस्पना पुल से आगे हरिद्वार रोड पर जाम के छह ऐसे जोन हैं, जिनसे पार पाना आसान नहीं। इन हिस्सों पर सड़क सुबह से लेकर रात तक जाम ही रहती है। जिनमें प्रमुख रूप से कारगी चौक, पुरानी बाईपास पुलिस चौकी जंक्शन, मोथरोवाला चौक, रिस्पना पुल, विधानसभा तिराहा और जोगीवाला क्षेत्र शामिल हैं।

आरओबी की सर्विस रोड का ट्रैफिक भगवान भरोसे

मोहकमपुर रेलवे ओवर ब्रिज की दोनों तरफ की सर्विस रोड पर पुलिस के सामने ही यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। सर्विस रोड पर गलत दिशा में वाहन चलाने का अघोषित नियम बन गया है। इस कारण कम दबाव वाली सर्विस रोड भी जाम के संकट से जूझती नजर आती है।

एलिवेटेड रोड ही समाधान, दिखानी होगी तेजी

हरिद्वार बाईपास रोड के साथ ही इससे आगे जोगीवाला क्षेत्र में राजमार्ग के दोनों तरफ घनी आबादी है। स्थानीय वाहनों के भारी दबाव के साथ ही राजमार्ग के वाहनों का दबाव भी सड़क के इसी भाग पर रहता है। लिहाजा, यातायात व्यवस्था पूरे क्षेत्र में बुरी तरह ध्वस्त नजर आती है।

संबंधित क्षेत्र में जाम की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मोहकमपुर आरओबी से आशारोड़ी तक 15 किलोमीटर एलिवेटेड रोड का निर्माण प्रस्तावित किया है। 1350 से 1450 करोड़ रुपये के बीच अनुमानित इस परियोजना से बेहद उम्मीद है। हालांकि, जनता को राहत देने के लिए परियोजना पर तेजी से कदम बढ़ाने की जरूरत है।

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