पिछले दिनों केंद्रीय स्तर से मार्ग के नवीनीकरण व चौड़ीकरण का निर्णय लिया गया। इसके निर्माण के लिए ढाई हजार करोड़ रुपये बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें से करीब 1500 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे। मार्ग के चौड़ीकरण के लिए जिले के 31 गांवों से भूमि का अधिग्रहण होना है। जिला प्रशासन ने चिह्नित भूमि का अवार्ड घोषित करना शुरू कर दिया है। पहले चरण में 17 गांवों का अवार्ड घोषित कर 550 करोड़ रुपये मुआवजा तय किया था। अब चार गांवों का अवार्ड और तैयार हो गया है। इनमें करीब 50 करोड़ रुपये मुआवजा बंटेगा।
इन गांवों मुआवजा बांटने की तैयारी पूरी
अर्राना, उदयगढ़ी, बांकनेर, गनेशपुर, नगला अस्सू, उसरह रसूलपुर, बुलाकीपुर, चौधाना, जरारा, ऐंचना, लक्ष्मणगढ़ी, राजपुर, रेसरी, जलालपुर, हीरपुरा, खेड़िया बुजुर्ग, इतवारपुर, डोरपुरी, श्यौराल, हामिदपुर व रसूलपुर।
कई जिलों को मिलेगा फायदा
इस मार्ग के चौड़ा होने से उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों का फायदा मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर जाने वाले लोगों की राह आसान होगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक नया एक्सप्रेसवे टप्पल में यमुना एक्सप्रेसवे और पलवल में ईस्टर्न फेरिफेरल के इंटरचेंज से जुड़ेगा। अलीगढ़ से आगरा, मथुरा, दिल्ली, एनसीआर, ग्रेटर नोएडा, पलवल गुरुग्राम तक जाना आसान होगा।
अलीगढ़-आगरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के लिए होगा 14 गांवों में जमीन अधिग्रहण
अलीगढ़। अलीगढ़-आगरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। यह एक्सप्रेस-वे अलीगढ़-हाथरस जिले के 64 गांव से होकर गुजरेगा। इसमें 14 गांव अलीगढ़ जिले के शामिल हैं। प्रशासन स्तर से इन गांवों में संपत्ति और परिसंपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। सर्वे पूरा होते ही अवार्ड घोषित होगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण मार्च 2025 से शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है।
एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने बताया कि जिले में दो तहसीलों के सीमा क्षेत्र से यह एक्सप्रेस-वे गुरजेगा। इसमें कोल तहसील के हाजीपुर चौहटा, दयानतपुर, रसीला, बढ़ौली फतेह खां, मनोहरपुर कायस्थ, मईनाथ, समस्तपुर कीरत व इगलास तहसीस के पढ़ील, बैरमगढ़ी, तोछीगढ़, कनौरा, असरोई शामिल हैं। इन गांवों से 70 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। करीब 321 गाटा चिन्हित किए गए हैं। इस पूरे हाईवे में एक रेलवे ब्रिज, तीन फ्लाईओवर व 55 अंडरपास बनेंगे।

