मथुरा। वृंदावन की रशियन बिल्डिंग कुर्क होगी। इस पर पूर्व में लगाई गई सील भी नहीं हटेगी। एडीजे पंचम गैंगस्टर कोर्ट ने पूर्व में जिलाधिकारी के दिए गए आदेश को बरकरार रखते हुए यह आदेश पारित किया।
मूल रूप से रूस निवासी नतालिया क्रिवोनोसोवा उर्फ निष्ठा रानी देवी दासी और उनके पति यारोस्लोव रोमानेव उर्फ श्यामसुंदर चरण दास टूरिस्ट वीजा पर वृंदावन आए थे और यहां कृष्ण भक्ति करने लगे। पति-पत्नी ने ट्रस्ट बनाकर वृंदावन में रशियन बिल्डिंग बनाई, जो बनने के बाद से ही विवादों में घिर गई। यहां नियम कायदों तो ताक पर रखकर इस बिल्डिंग का निर्माण किया गया था। यहां प्राधिकरण से नक्शा पास कराया, इसके तहत केवल तीन मंजिला ही इमारत बनाई जा सकती थी, लेकिन इसे सात मंजिला बना दिया गया।

फ्लैट खरीददारों ने की शि‍कायत

अपार्टमेंट में करीब चार सौ फ्लैट विदेशी नागरिकों को केवल सौ रुपये के स्टांप पर समझौते के आधार पर ही दे दिए गए। इसके एवज में लोगों से लाखों रुपये लिए गए। फरवरी 2022 में जब कुछ फ्लैट के मालिकों को जानकारी हुई कि रशियन बिल्डिंग अवैध बनी है, तो उन्होंने इसकी शिकायत विकास प्राधिकरण में की।

डीएम ने द‍िए थे ब‍िल्‍ड‍िंग को कुर्क करने के आदेश

वर्ष 2023 में तत्कालीन डीएम ने बिल्डिंग के फ्लैट खाली कर इसे कुर्क करने के आदेश दिए थे। बड़ी संख्या में लोगों ने फ्लैट खाली भी कर दिए। बिल्डिंग से ही रूसी दंपती ने करोड़ों रुपये कमाए। इस मामले में दंपती के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई थी।

कुर्क की गई संपत्ति की कीमत 29 करोड़ रुपये से अधिक

30 जून 2023 को तत्कालीन जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बिल्डिंग को कुर्क करने के आदेश जारी किए।जिलाधिकारी के इस आदेश को नतालिया क्रिवोनोसोवा उर्फ निष्ठा रानी देवी दासी और उनके पति यारोस्लोव रोमानेव उर्फ श्यामसुंदर चरण दास ने एडीजे पंचम गैंगस्टर कोर्ट डॉ. पल्लवी अग्रवाल की अदालत में चुनौती दी। विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया, अदालत ने जिलाधिकारी के आदेश को बरकरार करते हुए रशियन बिल्डिंग को कुर्क रखने के आदेश जारी किए हैं। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि कुर्क की गई संपत्ति की कीमत 29 करोड़ रुपये से अधिक है।

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