दिलीपपुर। निकाह की हर रश्में निभाई गई, वर पक्ष और कन्या पक्ष में खुशी का माहौल था, लेकिन थोड़ी ही देर में माहौल बदल गया। लड़की ने शौहर को दिव्यांग बताते हुए ससुराल जाने से इनकार कर दिया। इस पर विवाद शुरू हो गया।
दोनों पक्षों में देर रात तक पंचायत चली और फिर सुलह होने के बाद बरात बिन दुल्हन के वापस लौट गई। मामला दिलीपपुर के एक गांव का है। एक गांव में मध्य प्रदेश के जबलपुर से बारात आई थी। वर पक्ष और कन्या पक्ष में उल्लासपूर्ण वातावरण था।
शुक्रवार को दिन में निकाह की सारी रश्म निभाई गई, लेकिन जैसे ही सारी रश्म खत्म हुई, लड़की ने लड़के की दिव्यांगता पर सवाल खड़े कर दिए। ससुराल जाने से मना कर दिया। काफी देर तक दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। यह मामला यही तक नहीं रहा। थाने पहुंच गया।
शुक्रवार को दिन में निकाह की सारी रश्म निभाई गई, लेकिन जैसे ही सारी रश्म खत्म हुई, लड़की ने लड़के की दिव्यांगता पर सवाल खड़े कर दिए। ससुराल जाने से मना कर दिया। काफी देर तक दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। यह मामला यही तक नहीं रहा। थाने पहुंच गया।
वर पक्ष की ओर से कहा गया कि लड़की के बाप व परिवार ने लड़के को देखा था, उसे सीढी आदि पर चढ़ा कर भी देखा था, उन्हें पता था कि लड़के का एक्सीडेंट होने के कारण 2014 में ऑपरेशन हुआ था। सारी सच्चाई से पूरा लड़की पक्ष अवगत था।
दारोगा दुर्गेश ने दोनों पक्ष को सुलह के लिए सहमत किया। रात करीब नौ बजे बरात वापस लौट गई।
दारोगा दुर्गेश ने दोनों पक्ष को सुलह के लिए सहमत किया। रात करीब नौ बजे बरात वापस लौट गई।
आरोपित को भेजा गया जेल
दारोगा से मारपीट के मामले में आरोपित युवक पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। फतनपुर थाने के उपनिरीक्षक दिलीप वर्मा से शुक्रवार शाम रामापुर बाजार में विनय उपाध्याय ने उलझते हुए मारपीट की थी। इसमें दारोगा के एक हाथ में फैक्चर हो गया था।
इस मामले में नामजद आरोपित विनय कुमार उपाध्याय निवासी रामापुर के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शनिवार को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। थाना प्रभारी शेषनाथ सिंह यादव का कहना है आरोपित पर कार्रवाई हुई है।
वहीं, दीवानगंज प्रतिनिधि के अनुसार पाक्सो एक्ट के आरोपित बृजेश कुमार धर्मपुर कंधई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शनिवार सुबह पुलिस ने दबोचा। एसओ अवन कुमार दीक्षित ने बताया कि आरोपित को जेल भेज दिया गया।

