सचिन त्यागी
बागपत जिले में जिलाधिकारी की पहल से दिव्यांगजनों के सपने पूरे होने लगे है। जिले की तहसीलों में दिव्यागजनों के लिए कैंप लगाने लगे है उनको खाना पीना दिया जा रहा है। कैम्प में ही समस्याओं को दुर कर जिलाधिकारी की मजूदगी में प्रमाण पत्र दिय जा रहे है। हर सप्ताह करीब 40 दिव्यांगों को प्रमाण पत्र मिलने से दिव्यांगजानों की खुशी का ठिकाना है।
हर दिव्यांग का सबसे पहला सपना होता है कि स्वास्थ्य विभाग उसका दिव्यांग प्रमाण पत्र बना दे जिससे उसको सरकार द्वारा दी जाने वाले योजनाओं का लाभ मिल सके। जिसके लिए मुख्य चिक्त्सिाधिकारी के कार्यालय पर दिव्यांगों की भीड़ लगती थी और कई कई महीनों तक भी उनके प्रमाण पत्र नहीं बन पाते थे। पहले माह में मुश्किल से 8 से 10 प्रमाण पत्र दिव्यांग जनों के बन पाते थे। लेकिन जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की पहल ने उनके सपनो को आसान कर दिया है। जिलाधिकारी ने जिले की सभी तहसील दिवस पर दिव्यांग कैम्प लगाने के निर्देश दिये है। शनिवार को बड़ौत तहसील में 40 दिव्यांग जनों के बनाए गए दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए गये। डीएम ,एसपी के हाथों से दिव्यांग प्रमाण पत्र पाकर खुश दिखाई दिये और जिलाधिकारी का आभार जताया । जिलाधिकारी ने बताया कि दिव्यांगजनों को परेशानी का सामना न करना पड़े इसलिए कैंप की व्यवस्था की गयी है। उनके लिए खाने पीने का व्यवस्था भी कैंप में की गयी है। मुख्य चिक्त्सिाधिकारी कार्यालय पर भी प्रमाण पत्र बनाए जा रहे है। इससे दिव्यांग सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। दिव्यांग काजल का कहना है कि डीएम साहब की कारण उनको प्रमाण पत्र मिला है। पहले वह कई बार जिला मुख्यचित्सिाधिकारी कार्यालय जा चुकी है। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बता दे कि जिले में 2011 की जनगणना के अनुसार 22265 कुल दिव्यांग थे जिसमें दिव्यांग प्रमाण पत्र 7323 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जारी किए गए हैं जिसमें वर्तमान में 5665 दिव्यांगों को पेंशन मिल रही है विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र 6009 है। जनपद बागपत में वर्तमान में 5665 दिव्यांग जनों को पेंशन वितरित की जा रही है

