मुजफ्फरनगर के हर्ष मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही और मारपीट का आरोप
रोहित त्यागी
मुजफ्फरनगर। महावीर चौक स्थित हर्ष मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो जाने के बाद परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच विवाद गहरा गया। मृतका के परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ पर इलाज में लापरवाही और उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं अस्पताल के चिकित्सक ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
मृतका के भतीजे अमित कुमार के अनुसार, उनकी ताई शीला, निवासी नियामू, को सांस लेने में तकलीफ होने के चलते गुरुवार सुबह अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि इमरजेंसी फीस जमा कराने के बावजूद डॉक्टर देरी से पहुंचे। इसके साथ ही बेड खाली नहीं होने के कारण मरीज को इंतजार करना पड़ा।
अमित कुमार का आरोप है कि इलाज के दौरान सिरिंज के काम नहीं करने के बावजूद नस नहीं बदली गई। परिजनों का कहना है कि इलाज में कथित लापरवाही के चलते मरीज की मौत हो गई।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की मौत के बाद जब उन्होंने इसका विरोध किया तो अस्पताल के स्टाफ ने उनके साथ मारपीट की। परिजनों ने मामले में न्याय की गुहार लगाई है।
वहीं अस्पताल के डॉक्टर अजय गुप्ता ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका कहना है कि करीब 60 वर्षीय मरीज शीला को अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टर के अनुसार, मरीज का ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम था।
डॉ. अजय गुप्ता के मुताबिक, मरीज के परिजनों को उसकी गंभीर स्थिति के बारे में अवगत कराने के बाद भर्ती किया गया था। उनका कहना है कि मरीज को बिस्तर पर लिटाते ही उसकी हृदय गति रुक गई। डॉक्टर के अनुसार, कैनुला लगाने तक का समय भी नहीं मिल सका।
मारपीट के आरोपों को भी डॉ. अजय गुप्ता ने नकार दिया। उनका कहना है कि अस्पताल के स्टाफ ने परिजनों के साथ मारपीट नहीं की, बल्कि मरीज के तीमारदारों ने ही स्टाफ के साथ अभद्रता और हाथापाई की।
घटना के बाद मौके पर पुलिस मौजूद रही। मामले को लेकर मृतका के परिजनों और अस्पताल प्रबंधन की ओर से अलग-अलग आरोप सामने आए हैं।

