शुक्रतीर्थ में भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के दो दिवसीय चिंतन शिविर का समापन, मोहन प्रजापति बोले—एकजुट हुए तो दबंगों के बंद लगा देंगे
अनुज त्यागी
मुजफ्फरनगर। शुक्रतीर्थ में भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के दो दिवसीय चिंतन शिविर का रविवार को समापन हुआ। शिविर में अति पिछड़ा वर्ग की सामाजिक एवं राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती और समाज के हक-अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति ने कहा कि अति पिछड़ा वर्ग की विभिन्न जातियां अलग-अलग बंटी हुई हैं और यही समाज की सबसे बड़ी कमजोरी है। उन्होंने कहा कि एकजुटता के अभाव में अति पिछड़ा वर्ग को सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी मतभेदों को दूर कर एकजुट होने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
मोहन प्रजापति ने कहा कि भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा समाज के लोगों के साथ होने वाले शोषण और अत्याचार के खिलाफ मजबूती से आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित लोगों की समस्याओं को सड़क से लेकर संबंधित अधिकारियों तक मजबूती से उठाया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने दबंगों को चेतावनी देते हुए कहा कि समाज के कमजोर लोगों पर अत्याचार और शोषण करने वाले लोग अपनी हरकतों से बाज आएं। उन्होंने कहा कि यदि अति पिछड़ा वर्ग एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए बाहर निकलता है तो दबंगों के बंद लग जाएंगे। उन्होंने समाज के लोगों से किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ संगठित होकर आवाज उठाने की अपील की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राजनीतिक दलों से भी अति पिछड़ा वर्ग को संख्या के आधार पर उचित राजनीतिक भागीदारी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को कमजोर न समझें। समाज की आबादी के अनुरूप राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, तभी समाज की समस्याओं और अधिकारों को प्रभावी ढंग से सदन और सरकार तक पहुंचाया जा सकेगा।
चिंतन शिविर में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने, समाज के लोगों को एक मंच पर लाने और अपने हक-अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि अति पिछड़ा वर्ग को अपनी सामाजिक शक्ति को पहचानते हुए शिक्षा, संगठन और राजनीतिक भागीदारी के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा।
मोहन प्रजापति ने कहा कि राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए समाज का एकजुट होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों पर किसी दूसरे का कब्जा न होने देने के लिए समाज को स्वयं मजबूत होना होगा और इसकी शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर से करनी चाहिए।
समापन कार्यक्रम में रामनिवास पाल, वरिष्ठ नेता कमल गौतम, वरिष्ठ नेता अमित राठी, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश वालिया, उपाध्यक्ष शादाब कुरैशी, सुभाष प्रजापति, प्रधान मदन पाल, आकाश, ब्लॉक अध्यक्ष सोनू प्रजापति, मोरना ब्लॉक अध्यक्ष महक सिंह पाल, रणवीर सिंह सैनी, कंवर पाल प्रजापति, राजेश सैनी, विनय सैनी, प्रभारी सुखपाल कश्यप, जिला अध्यक्ष विजय पाल, संजीव प्रजापति, राजकुमार, सतीश पाल, बुल्ली सैन, विनेश, बिट्टू प्रजापति, इंद्र फौजी, उपाध्याय, अरुण प्रजापति, प्रमोद प्रजापति सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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