गन्ने के भाव, बिजली और दूध के दाम को लेकर बघरा में भाकियू की महापंचायत, 17 सितंबर से कलक्ट्रेट पर आंदोलन
राजसत्ता पोस्ट|असलम त्यागी
मुजफ्फरनगर जनपद के बघरा में गन्ने का उचित मूल्य, बकाया भुगतान, चीनी की रिकवरी के अनुपात में किसानों को बोनस, बिजली की समस्याओं और पशुपालकों को दूध का लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग को लेकर ब्लॉक बघरा क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे और विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने ऐलान किया कि मांगों को लेकर 17 सितंबर से मुजफ्फरनगर कलक्ट्रेट पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
महापंचायत को संबोधित करते हुए गौरव टिकैत ने कहा कि गन्ने से चीनी के अलावा इथेनॉल, बैगास और बिजली जैसे कई उप उत्पाद तैयार होते हैं। चीनी के बढ़ते दाम और गन्ने की रिकवरी के अनुपात में किसानों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र में चीनी की रिकवरी और कीमत के अनुपात में किसानों को बोनस दिलाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के कारण खेती करना लगातार मुश्किल हो रहा है और किसानों को उनकी फसल का उचित लाभ मिलना उनका अधिकार है।
गौरव टिकैत ने किसानों के बिजली कनेक्शन काटे जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कम बकाया होने पर भी कई किसानों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उन्होंने बिना पर्याप्त चेतावनी कार्रवाई करने और किसानों को परेशान करने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज दबाने के लिए मुकदमे या संपत्ति जांच का डर दिखाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भाकियू नेता नवीन राठी ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बताया कि सीकरी, चरथावल और जसोई बिजलीघरों पर किसानों की समस्याओं को लेकर धरने चल रहे हैं। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने पुरकाजी पुलिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग भी उठाई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
महापंचायत में पशुपालकों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने गाय के दूध का न्यूनतम भाव 100 रुपये और भैंस के दूध का 110 रुपये प्रति लीटर किए जाने की मांग की। साथ ही मिलावटी और नकली दूध के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नियमित जांच की मांग रखी गई। हरियाणा की तर्ज पर जिला और ब्लॉक स्तर पर पशु मेले एवं प्रदर्शनी आयोजित करने तथा उन्नत नस्ल सुधार को बढ़ावा देने की मांग भी की गई।
धनसनी और तितावी क्षेत्र के गांवों में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए नसीरपुर बिजलीघर से अलग-अलग फीडर लगाने की मांग की गई। किसानों ने बताया कि बार-बार फॉल्ट, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज के कारण ग्रामीण परेशान हैं।
महापंचायत में एसडीएम शुभम श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार रिजवान अली, विद्युत विभाग के एक्सईएन बालकृष्ण प्रजापति, सीओ फुगाना नरेंद्र यादव और तितावी पुलिस मौजूद रही। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनकर उन्हें उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने और समाधान का प्रयास करने का भरोसा दिया।
महापंचायत की अध्यक्षता चौधरी रविंद्र सिंह मलिक ने की, जबकि संचालन मास्टर यशपाल और विपुल निर्वाल ने किया। इस दौरान धीरज लाटियान, रमेश, मानसिंह मलिक, कपिल चौधरी, रमेश मलिक, संजय त्यागी, आसिफ प्रधान, विकास शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने हाथ उठाकर मांगों का समर्थन किया और ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे लगाए।

