मुजफ्फरनगर में ‘ऑपरेशन सवेरा’ की बड़ी कार्रवाई, 6.65 लाख की नशीली दवाइयों के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर में अवैध नशीली दवाइयों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत सिविल लाइन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान माल रोड से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल, नशीले इंजेक्शन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बिना नंबर की बलेनो कार बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार बरामद नशीली दवाइयों की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख 65 हजार रुपये है।

चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े तीन आरोपी

पुलिस के मुताबिक, सिविल लाइन थाना पुलिस टीम माल रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तीन लोगों को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल और इंजेक्शन मिले। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक पुत्र रोहताश, उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी तीर्थ कॉलोनी, रेलवे स्टेशन के पास खतौली, मूल निवासी ग्राम कुतुबपुर थाना छपार, मुजफ्फरनगर; कलीम पुत्र अशफाक, उम्र करीब 29 वर्ष, निवासी बधौली थाना खरखौदा, मेरठ; तथा जुनैद पुत्र इकबाल, उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी मुफ्ती कय्यूम मदरसे के पास, जूस वाली गली, लोहिया नगर, मेरठ के रूप में हुई है।

हजारों कैप्सूल और सैकड़ों इंजेक्शन बरामद

पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से स्पास्मोविल कंपनी के ट्रामाडोल कैप्सूल के 48 हजार भूरे रंग के कैप्सूल और 24 हजार नीले रंग के कैप्सूल बरामद किए गए। यानी कुल 72 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल पुलिस के हाथ लगे।

इसके अलावा एविल कंपनी के 50 इंजेक्शन और पैंटासिल कंपनी के 499 इंजेक्शन, यानी कुल 549 नशीले इंजेक्शन भी बरामद किए गए। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बिना नंबर की एक बलेनो कार को भी कब्जे में लिया है।

पुलिस ने बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख 65 हजार रुपये बताई है।

व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क, ब्लैक में खरीदकर करते थे सप्लाई

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे दवाइयों की सप्लाई से जुड़े हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का संपर्क हापुड़ निवासी एक व्यक्ति से व्हाट्सऐप के माध्यम से था। आरोप है कि वे उससे नशीले कैप्सूल और इंजेक्शन ब्लैक में खरीदते थे और फिर मांग के अनुसार इन्हें ऊंचे दामों पर बेचते थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि इन दवाइयों की बिक्री निर्धारित नियमों के तहत डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन और लाइसेंसधारी विक्रेता के माध्यम से ही की जा सकती है। आरोप है कि इसी वजह से नशीली दवाइयों की तलाश करने वाले लोगों को वे मेडिकल स्टोर से अलग अवैध तरीके से इनकी सप्लाई करते थे।

पुलिस का कहना है कि आरोपी बरामद कैप्सूल और इंजेक्शन की खेप लेकर सप्लाई करने के लिए निकले थे, लेकिन इससे पहले ही चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

आगे की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

मामले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने मु0अ0सं0 224/26 के तहत धारा 8/21/22 एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई की है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास के साथ-साथ उनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशीली दवाइयों की सप्लाई का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा के मार्गदर्शन में सिविल लाइन थाना प्रभारी इन्द्रजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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