मुस्लिम तमन्ना मलिक और हिंदू अमन त्यागी ने साझा किए विचार, मौलाना रशीदी के बयान का किया विरोध
मुजफ्फरनगर, 7 अगस्त। हरिद्वार से गंगाजल लेकर गाजियाबाद की ओर जा रहे दंपति तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी ने यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी राय रखी। दोनों ने कांवड़ यात्रा को लेकर उठाए जा रहे विवादों और मौलाना रशीदी के कथित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
अमन त्यागी ने कहा कि तमन्ना उनकी पत्नी हैं और दोनों ने विवाह के समय सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पत्नी की आस्था और भावनाओं का सम्मान करना उनका कर्तव्य है, इसलिए वह उनके साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी यात्रा को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी धार्मिक यात्रा कर रहे हैं।
मौलाना रशीदी के कथित बयान का उल्लेख करते हुए अमन त्यागी ने कहा कि यदि किसी धार्मिक समुदाय या श्रद्धालुओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की गई है तो संबंधित मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच कर उचित कानूनी कदम उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं होती है तो वे आगे अपने साथियों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर विचार करेंगे।
वहीं तमन्ना मलिक ने कहा कि वह किसी भी प्रकार के विवाद या विरोध से भयभीत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी इच्छा और आस्था के अनुसार सनातन परंपराओं का पालन कर रही हैं। तमन्ना ने कहा कि उनके अनुभव में सनातन धर्म में महिलाओं को सम्मान और अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय के लोगों के प्रति कट्टरता और नफरत का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए तथा समाज में सौहार्द और आपसी सम्मान का वातावरण बना रहना चाहिए।
दोनों ने कहा कि उनकी कांवड़ यात्रा पूरी तरह श्रद्धा और आस्था से जुड़ी है तथा वे चाहते हैं कि धार्मिक विषयों को लेकर समाज में शांति और भाईचारा बना रहे।

