NEET छात्र प्रदर्शन पर महिला आयोग सदस्या मीनाक्षी भराला का बड़ा बयान, बोलीं— विरोध का अधिकार है, लेकिन मर्यादा भी जरूरी…
अनुज त्यागी
बागपत: बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जनसुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या मीनाक्षी भराला ने CJP छात्र प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसी वीडियो देखी हैं, जिनमें छात्राएं भद्दी-भद्दी गालियां देती दिखाई दे रही हैं। छात्रों को धरना-प्रदर्शन करना उनका अधिकार है, लेकिन मर्यादा की सीमा पार करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की बदतमीजी के बाद ही पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
महिला आयोग की सदस्या मीनाक्षी भराला सोमवार को बागपत जिला कलेक्ट्रेट सभागार में महिला संबंधी मामलों की जनसुनवाई कर रही थीं। उन्होंने बताया कि महिला आयोग के समक्ष 12 से 15 मामले आए हैं, जिनमें कुछ पहले से लंबित हैं। कुछ मामलों में समझौता कराया जा रहा है, जबकि गंभीर मामलों में संबंधित थाना प्रभारियों से बात की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
बातचीत के दौरान उनसे दिल्ली में हुए CJP धरने को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि धरना देना छात्रों का अधिकार है, लेकिन उन्होंने ऐसी वीडियो देखी हैं, जिनमें छात्र तो भद्दी-भद्दी गालियां दे ही रहे थे, छात्राएं उनसे भी अधिक भद्दी गालियां दे रही थीं। उनका कहना था कि छात्रों को धरने के दौरान संयम रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि छात्रों की बदतमीजी के बाद वहां की स्थिति बिगड़ी और पुलिस ने लाठियां चलाईं।
कांवड़ यात्रा में दुकानों पर नाम लिखने के मुद्दे पर मीनाक्षी भराला ने कहा कि सभी दुकानदारों को अपनी दुकान पर नाम लिखने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदू धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया है। हमारे धर्म के अनुसार श्रावण मास में मांस और मदिरा वर्जित हैं, ऐसे में धर्म के सम्मान के लिए ऐसे कार्य जरूरी हैं।
जनसुनवाई के दौरान संबंधित जनपदीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
#RajsattaPost #AnujTyagiPost

