#मुज़फ्फरनगर में धरने के दौरान भाषाई मर्यादा की कसौटी टूटना उचित नहीं था : अशोक बालियान, चेयरमैन, पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन
सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुज़फ्फरनगर के एक न्यूज़ पेपर के संपादक महोदय द्वारा कांवड़ सेवा शिविर से जुड़े विवाद और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं स्थानीय विधायक कपिल देव अग्रवाल व अन्य वर्गों के खिलाफ आपत्तिजनक और विवादित भाषा का इस्तेमाल किया गया।
संपादक महोदय के धरना-प्रदर्शन के दौरान ही धरना स्थल पर एक वक्ता द्वारा भी यूपी सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। संबंधित वीडियो में वक्ता के भाषण के दौरान संपादक महोदय तालियां बजाते नजर आ रहे हैं।
एक पत्रकार और संपादक से समाज यह अपेक्षा करता है कि वह किसी भी विरोध प्रदर्शन या बहस के दौरान मर्यादित भाषा का पालन करें। पत्रकारिता जैसे सम्मानित क्षेत्र के मंच से जनप्रतिनिधियों या समाज के अन्य वर्गों के लिए अत्यधिक आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग होना या उस पर सहमति जताना पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों और पद की गरिमा के अनुरूप नहीं माना जाता। इसलिए धरने के दौरान भाषाई मर्यादा की कसौटी टूटना उचित नहीं था।
हमारा संपादक महोदय से आग्रह है कि वे इस पूरे घटनाक्रम पर आत्ममंथन करें।

