पीलीभीत में बड़ी पुलिस मुठभेड़: कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड का एक लाख का इनामी मुख्य शूटर सरबजीत सिंह ढेर, दरोगा और सिपाही घायल

अनुज त्यागी

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में चर्चित कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक महीने से फरार चल रहे इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी शूटर सरबजीत सिंह को शनिवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ बिलसंडा थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव के पास हुई, जिसमें पुलिस टीम पर भी बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में सरबजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इस मुठभेड़ में बिलसंडा थानाध्यक्ष की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जबकि एसओजी के एक दरोगा और एक सिपाही भी घायल हो गए।

पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सरबजीत सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी मूल रूप से लखीमपुर खीरी जिले के उचौलिया थाना क्षेत्र का निवासी था। उसकी तलाश में पीलीभीत पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं।

सूचना मिलते ही पुलिस ने की घेराबंदी

पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात सूचना मिली कि पप्पू गुप्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह अपने एक साथी के साथ बिलसंडा थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही बिलसंडा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर इलाके की घेराबंदी कर दी।

पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने भागने का प्रयास किया। खुद को चारों ओर से घिरा देखकर उन्होंने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग के बीच पुलिस ने सुरक्षित मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

सीने में लगी गोली, अस्पताल में हुई मौत

जवाबी फायरिंग के दौरान चली गोली सरबजीत सिंह के सीने में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तत्काल कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुठभेड़ के दौरान बिलसंडा थानाध्यक्ष जगदीप मलिक की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी गोली जा धंसी। वहीं एसओजी के एक दरोगा और एक सिपाही गोली लगने से घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस ने मौके से हथियार, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। फरार दूसरे आरोपी की तलाश में आसपास के इलाकों में सघन कांबिंग अभियान चलाया जा रहा है।

28 मई को दिनदहाड़े हुई थी व्यापारी पप्पू गुप्ता की हत्या

यह मामला 28 मई का है, जब बिलसंडा कस्बे में व्यापारी पंकज कटियार को धमकाने के उद्देश्य से किराए के शूटर बुलाए गए थे। दुकान के बाहर विवाद के दौरान पड़ोसी व्यापारी पप्पू गुप्ता बीच-बचाव करने पहुंचे थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। गंभीर रूप से घायल पप्पू गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई थी।

दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे जिले में दहशत फैल गई थी। व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

घटना के बाद पुलिसकर्मियों पर भी हुई थी कार्रवाई

थाने से कुछ ही दूरी पर हुई इस वारदात के बाद पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की थी। एक चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद तत्कालीन बिलसंडा थानाध्यक्ष सिद्धांत शर्मा को भी लाइन हाजिर कर दिया गया था। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष पुलिस टीमें गठित की गई थीं।

अब तक आठ आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल

पुलिस इस हत्याकांड में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच में सामने आया कि वारदात की साजिश पहले से रची गई थी और इसके लिए बाहर से शूटर बुलाए गए थे। मुख्य शूटर सरबजीत सिंह लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा, लेकिन आखिरकार शनिवार देर रात बिलसंडा थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में उसका अंत हो गया।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। #AnujTyagiPost #RajsattaPost

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