“आतंक जैसा माहौल न बनाएं…” : मुजफ्फरनगर में ताबड़तोड़ सीलिंग अभियान पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल नाराज, अधिकारियों को दी नसीहत

अनुज त्यागी

मुजफ्फरनगर। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर मुजफ्फरनगर में जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चलाए जा रहे ताबड़तोड़ निरीक्षण और सीलिंग अभियान पर अब प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने नाराजगी जताई है। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन कराना आवश्यक है, लेकिन कार्रवाई इस तरह नहीं होनी चाहिए कि व्यापारियों और संस्थानों में आतंक और भय का माहौल बन जाए।

लखनऊ अग्निकांड के बाद जनपद में लगातार कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, अस्पताल, होटल, शोरूम, दुकानों और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का संयुक्त निरीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार अब तक 24 संस्थानों को सील किया जा चुका है, जबकि करीब 35 संस्थानों को आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

शुक्रवार को संयुक्त टीम ने शहर के नोवेल्टी चौक स्थित अल हबीबी कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षित निकासी जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं मिलने पर एमडीए ने पूरे कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया। इस कॉम्प्लेक्स में लगभग 20 दुकानें और दूसरी मंजिल पर संचालित एक जिम मौजूद है।

जिला प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई को लेकर स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लखनऊ की घटना बेहद दुखद थी और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है, लेकिन बिना पर्याप्त संवाद और समय दिए लगातार प्रतिष्ठानों को सील करना उचित नहीं है।

मंत्री ने कहा कि उन्होंने जिला अधिकारी, एसएसपी, एमडीए, विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि कार्रवाई पूरी मर्यादा के साथ की जाए। यदि किसी प्रतिष्ठान में कोई कमी है तो पहले संबंधित व्यापारी या संचालक को उसकी जानकारी दी जाए, नोटिस जारी किया जाए और सुधार का अवसर दिया जाए। सीधे सीलिंग की कार्रवाई अंतिम विकल्प होनी चाहिए।

कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में व्यापारियों ने उनसे मिलकर अपनी चिंता जताई है। व्यापारी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए तैयार हैं, इसलिए प्रशासन को भी सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सुरक्षा और व्यापार—दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

हालांकि मंत्री ने व्यापारियों से भी अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी सहित सभी आवश्यक मानकों को जल्द से जल्द पूरा करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

वहीं मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह ने कहा कि अल हबीबी कॉम्प्लेक्स में निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां मिलीं। परिसर में फायर एनओसी नहीं थी, अग्निशमन व्यवस्था भी नहीं थी और सुरक्षित निकासी के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं थे। इन्हीं कारणों से एमडीए द्वारा परिसर को सील किया गया।

सीएफओ ने बताया कि जनपद में अब तक 24 संस्थानों को सील किया जा चुका है और करीब 35 संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, नर्सिंग होम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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