निजी प्लाट में गांव की जलनिकासी को लेकर निर्धना गांव में विवाद, ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर लगाया जबरन नाला बनाने का आरोप
असलम त्यागी |चरथावल
मुजफ्फरनगर जनपद के विकास खंड चरथावल के गांव निर्धना में निजी प्लॉट से जलनिकासी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान पक्ष के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निजी प्लॉट से पानी की निकासी के लिए बिना सहमति के खेतों और चकमार्ग की दिशा में नाला बना दिया गया, जिससे जलभराव की समस्या बढ़ गई है और फसलें बर्बाद हो रही हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि सरसों, गेहूं और गन्ने की दो से तीन फसलें जलभराव के कारण प्रभावित हुई हैं।
गांव निवासी सद्दाम ने आरोप लगाया कि उनके चाचा और पिता की अनुमति के बिना खेतों के पास नाली का निर्माण कराया गया, जिसे अधूरा छोड़ दिए जाने से पानी सीधे खेतों में भर रहा है। उनका यह भी कहना है कि पहले लेखपाल द्वारा अस्थायी रूप से नाली बंद कराई गई थी, लेकिन बाद में प्रशासनिक मौजूदगी में उसे फिर से खोल दिया गया।
वहीं मोहम्मद इमरान ने आरोप लगाया कि पहले जलनिकासी तालाब की ओर होती थी, लेकिन अब उसे उनके घर और चकमार्ग की दिशा में मोड़ दिया गया है, जिससे उनका निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पहले केवल कच्ची नाली की बात कही गई थी, लेकिन बाद में पक्की नाली का निर्माण शुरू कर दिया गया, जिसके लिए किसी प्रकार की लिखित सहमति नहीं ली गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर दबाव बनाया गया और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई हुई, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया है।
इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आई है। जानकारी के अनुसार उपजिलाधिकारी (SDM) ने खंड विकास अधिकारी (BDO) को मौके पर जाकर जांच कर समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं BDO ने कहा है कि एक-दो दिन के भीतर मौके पर पहुंचकर समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, खेतों में पानी जाने से रोका जाए और स्थायी जलनिकासी के लिए तालाब की सफाई या खुदाई कराई जाए।
आपको बता दें पूर्व में नाले को बंद करने और फिर कथित रूप से दबंगई के साथ उसे दोबारा खोलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।


