देहरादून में गूंजा साहित्य का स्वर—चिन्मय स्कूल में ‘जीवन्ती’ संस्था की संगोष्ठी ने बांधा समां, कविताओं ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
देहरादून। ‘जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक राष्ट्रीय पंजीकृत संस्था के तत्वावधान में 16 अप्रैल 2026 को इंदिरा नगर स्थित चिन्मय स्कूल में एक गरिमामय साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्य मंत्री राजकुमार पुरोहित, अति विशिष्ट अतिथि के रूप में चिन्मय स्कूल की प्रधानाचार्य पदमा बंडारी, प्रसिद्ध गीतकार सतीश बंसल, संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’, संपादक धीरेंद्र प्रताप सिंह (JK 24.7 न्यूज़), उद्योगपति अजय मोहन सिंह, विजय प्रसाद एवं वरिष्ठ संपादक इंद्राणी पांधा उपस्थित रहे।
विशेष आमंत्रित कवियों में मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) से वीर रस के कवि मनोज चौहान तथा मेरठ से डॉ. सुदेश यादव ‘दिव्य’ ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा वाणी वंदना के साथ किया गया, जबकि संचालन संयोजिका मणि अग्रवाल ‘मणिका’ ने कुशलतापूर्वक किया।
संगोष्ठी में प्रस्तुत कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कविता बिष्ट ‘नेह’ की देशभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियाँ, मणिका ‘मणि’ की शिव स्तुति, निशा अतुल्य की संवेदनशील रचना, डॉ. क्षमा कौशिक की भक्ति भावना से भरपूर कविता तथा धीरेंद्र प्रताप सिंह की समसामयिक मुद्दों पर आधारित रचना को खूब सराहा गया।
इसके अलावा लक्ष्मी प्रसाद बडोनी, कुमार विजय द्रोणी और भारती मिश्रा सहित अन्य रचनाकारों ने भी अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को ऊर्जावान बनाया। विशेष रूप से भारती मिश्रा की कविता “मैं समय की बेटी हूँ” ने नारी शक्ति का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सतीश बंसल ने अपने सुमधुर गीतों से समां बांध दिया। मुख्य अतिथि राजकुमार पुरोहित और पदमा बंडारी ने अपने संबोधन में साहित्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए संस्था के प्रयासों की सराहना की।
अंत में संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ और महामंत्री भारती मिश्रा ने सभी अतिथियों, कवियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन पर धन्यवाद ज्ञापित किया।

