देवबंद में 26 फरवरी को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आर्य समाज का विशाल सम्मेलन, 10 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा

प्रशांत त्यागी

सहारनपुर।देवबंद में 26 फरवरी को सामाजिक कुरीतियों के विरोध में आर्य समाज द्वारा एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में देवबंद क्षेत्र सहित पूरे जनपद से सैकड़ों लोगों के शामिल होने की तैयारी है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री Swami Yatishwaranand होंगे।

देवबंद में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आर्य समाज के जिला प्रतिनिधि महिपाल आर्य ने बताया कि सम्मेलन के उपरांत एक विशाल रैली निकाली जाएगी और 10 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम देवबंद के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था में वेदों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। उनका कहना था कि छात्र जीवन में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए वैदिक शिक्षा समय की मांग है। उन्होंने सरकार से देश में गुरुकुल शिक्षा नीति को बढ़ावा देने की मांग की, ताकि युवा वैदिक ज्ञान प्राप्त कर देश के उज्ज्वल भविष्य में योगदान दे सकें।

तहसील प्रतिनिधि सुरेंद्र धीमान ने कहा कि आर्य समाज सदैव वैदिक शिक्षा और सामाजिक आडंबरों को समाप्त करने के पक्ष में रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से भगवान राम के चरित्र को अपनाने का आह्वान किया।

विपिन आर्य ने कहा कि आर्य समाज महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों पर चलते हुए वैदिक और सनातन संस्कृति को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में गांव-गांव में वैदिक यज्ञों के माध्यम से समाज को जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने जातिवाद को देश के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सभी लोग मिलकर इसे समाप्त करें।

विपिन आर्य ने बताया कि 10 सूत्रीय ज्ञापन में यूजीसी से जुड़ा मुद्दा भी शामिल किया गया है। उनका कहना था कि शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। आर्य समाज के प्रतिनिधियों ने लोगों से अपील की कि वे महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों को अपनाएं और युवाओं को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए बड़ा अभिशाप है और इससे मुक्ति के लिए जागरूकता आवश्यक है। साथ ही उन्होंने देश के स्कूलों से वैदिक शिक्षा को महत्व देने और बच्चों को सनातन संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया।

रिपोर्ट: प्रशांत त्यागी

 

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