Anuj Tyagi
देवरिया एनकाउंटर केस में अदालत का सख्त रुख, तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR का आदेश — विभाग में हलचल
देवरिया, उत्तर प्रदेश: जिले के बनकटा थाना क्षेत्र में एक कथित पुलिस एनकाउंटर के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला देते हुए पूरी घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी की अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस की पूरी कथा पर विश्वसनीयता और प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
घटना से जुड़े दस्तावेजों और बयानबाजी पर आपत्ति जताते हुए अदालत ने सब इंस्पेक्टर सुशांत पाठक, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और कांस्टेबल सज्जन चौहान के विरुद्ध धारा 261 (BNS) के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी माना कि मामले में लगाए गए लूट, फायरिंग और हत्या के प्रयास जैसे आरोपों पर परिस्थितियों और प्रमाणों के मद्देनज़र स्पष्टता और सत्यापन की आवश्यकता है।
🔹 मामले की पृष्ठभूमि
बनकटा थाने की टीम ने 12 नवंबर 2025 को दिलीप सोनकर नामक व्यक्ति को पशु तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर हवालात में रखा था। पुलिस का कहना था कि स्वास्थ्य बिगड़ने की शिकायत पर आरोपी को इलाज हेतु बाहर ले जाया जा रहा था।
इसी दौरान, पुलिस के मुताबिक आरोपी ने मौका पाकर कथित रूप से दारोगा की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ने का प्रयास किया और कथित रूप से हुए गोलीबारी के दौरान उसके पैर में चोट लगने की बात कही गई।
🔹 अदालत की टिप्पणियाँ और निर्देश
रिमांड पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे संदिग्ध, असंतुलित और अस्पष्ट बताते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। साथ ही, अदालत ने पुलिस अधीक्षक देवरिया को सम्पूर्ण केस की स्वतंत्र व तथ्यात्मक जांच सुनिश्चित करने और आवश्यकीय कानूनी प्रक्रिया लागू करने के निर्देश जारी किए।
अदालत के आदेश के बाद मामला पुलिस विभाग और प्रशासनिक तंत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

