बिजनौर में फर्जी जज और वकील गिरफ्तार: बैंक से 35 लाख लोन लेने पहुंचे, पुलिस ने किया भंडाफोड़
असलम त्यागी
बिजनौर में शुक्रवार की देर शाम एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां एक महिला ने खुद को जज बताकर बैंक से ₹35 लाख का पर्सनल लोन लेने की कोशिश की। मामला पकड़े जाने पर पुलिस ने महिला और उसके साथी वकील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एचएफडीसी बैंक के शाखा प्रबंधक अतुल द्विवेदी ने फर्जी जज आयशा परवीन और कथित वकील अनस निवासी किशनवास थाना मंडावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया गया कि मुजफ्फरनगर के गांव दधेडू कलां की रहने वाली आयशा परवीन खुद को जनपद रामपुर में तैनात न्यायाधीश बताती थी। अनस खुद को उसका पेशगार (सहायक) बताकर बैंक पहुंचा था।
जब लोन की रकम ट्रांसफर होने ही वाली थी, तभी बैंक अधिकारियों को जमा किए गए दस्तावेज संदिग्ध लगे। जांच में आयशा द्वारा दिए गए पहचान पत्र, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और नियुक्ति पत्र सभी फर्जी पाए गए। सूचना पर साइबर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद गिड़गिड़ाई फर्जी जज
पूछताछ के दौरान आयशा परवीन ने पुलिस से कहा, “गलती हो गई, मेरे घर मत बताना, मां बीमार हैं और पिता को अटैक आ जाएगा।”
हालांकि पुलिस ने मामले की सूचना परिवार को दे दी, जिसके बाद कोतवाली पहुंचे उसके पिता फूट-फूटकर रो पड़े। उन्हें अब तक यह मालूम नहीं था कि उनकी बेटी असली जज नहीं है।
पीसीएस-जे में फेल, फिर भी मचाया था ‘सफलता’ का शोर
आयशा परवीन ने देहरादून से लॉ और 2019 में एमबीए की पढ़ाई की थी। उसने पीसीएस-जे परीक्षा दी लेकिन असफल रही। इसके बावजूद दिसंबर 2023 में उसने खुद को परीक्षा में पास बताकर जश्न मनाया। परिवार ने मिठाइयां बांटीं और अखबारों में “जज बनने” की खबर तक छपवाई।
जज का स्टीकर लगी कार, नहीं देती थी टोल
आयशा की कार पर आगे-पीछे “JUDGE” का स्टीकर लगा था। पुलिस ने गाड़ी बरामद कर ली है, जो उसके भाई के नाम पर रजिस्टर्ड है। चालक ने बताया कि आयशा टोल टैक्स कभी नहीं देती थी और अपने पद का रौब दिखाती थी।
किराए के घर में रहती थी ‘जज मैडम’
जांच में पता चला कि आयशा परवीन रामपुर की पॉश कॉलोनी में दस हजार रुपये महीने पर किराए के मकान में रह रही थी। उसने एक नौकरानी भी रखी थी और आसपास के लोगों से खुद को “जज” बताकर रौब जमाती थी।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने फर्जीवाड़े की जांच के लिए रामपुर में भी एक विशेष टीम भेजी है, ताकि अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।

