गय्यूर मलिक
“ग्रामीण पत्रकारिता एक जोखिम भरा कार्य” विषय पर संगोष्ठी आयोजित
मुज़फ्फरनगर।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की जनपद मुज़फ्फरनगर इकाई द्वारा ज़िला सहकारी बैंक सभागार में त्रैमासिक बैठक एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय रहा – “ग्रामीण पत्रकारिता एक जोखिम भरा कार्य”, जिसमें पत्रकारों की चुनौतियों, निष्पक्षता और सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि पत्रकारिता पहले सिर्फ शहरों तक सीमित थी, लेकिन अब यह गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। पत्रकारिता सच्ची समाजसेवा है, जिसमें संघर्ष और जोखिम दोनों हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समाचार का महत्व तभी है जब उसका समाधान निकल सके। साथ ही सोशल मीडिया और यूट्यूब के इस दौर में खबरों को प्रमाणित और सत्यापित करके ही प्रसारित करने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के चेयरमैन ठाकुर रामनाथ सिंह ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं, जो छोटी-बड़ी सभी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं। उन्होंने माना कि संघर्षशील पत्रकारिता में जोखिम उठाना ही पड़ता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि पत्रकारों को हमेशा निष्पक्ष रहकर कार्य करना चाहिए। एक पक्ष को भारी और दूसरे को हल्का दिखाना पत्रकारिता नहीं है। उन्होंने कहा – “जब भी कलम चले, सही दिशा में चले।”
वहीं प्रदेश महामंत्री डॉ. नरेशपाल सिंह ने पत्रकारों की कठिनाइयों पर चिंता जताई। उन्होंने सीतापुर और मध्यप्रदेश में पत्रकारों की हत्या तथा बिहार में पत्रकारों की पिटाई जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारों को सशक्त बनाना समय की मांग है। आज पत्रकारों की आय आजीविका के लिए पर्याप्त नहीं है। अपने कारोबार और परिवार के बीच समय निकालकर पत्रकारिता करना सबसे बड़ी चुनौती है।
संगोष्ठी में उपस्थित पत्रकारों ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता देश के विकास की रीढ़ है। लेकिन इसमें जोखिम, संघर्ष और आर्थिक असुरक्षा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सशक्तिकरण और आर्थिक मजबूती के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों – खतौली, बुढ़ाना, पुरकाजी, मीरापुर, जानसठ, मोरना, भोपा, ककरौली, चरथावल, सिसौली, शाहपुर आदि से सैकड़ों पत्रकारों ने भाग लिया।



