कैबिनेट मंत्री एके शर्मा के बयान पर वैश्य समाज में आक्रोश, सौंपा ज्ञापन

अनुज त्यागी

मुज़फ्फरनगर,26 जुलाई।
उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा वैश्य समाज के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी किए जाने के विरोध में संयुक्त वैश्य मोर्चा के पदाधिकारियों ने आज सिटी मजिस्ट्रेट को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री द्वारा अपने बयान को वापस लेकर सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने की मांग की है।

संयुक्त वैश्य मोर्चा का कहना है कि हाल ही में मंत्री ए.के. शर्मा ने एक मीटिंग में वैश्य समाज को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने समाज की तुलना “बनिए की उस दुकान से कर दी जो पैसे लेकर भी माल नहीं देती”—इस कथन पर गहरी आपत्ति जताते हुए मोर्चा ने इसे वैश्य समाज का घोर अपमान बताया।

ज्ञापन में मांग की गई कि यदि मंत्री द्वारा समाज के किसी व्यक्ति से धन लेकर कोई समस्या हुई है तो उसका समाधान वैश्य समाज खुद करेगा, लेकिन पूरे समाज को अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री सात दिन के भीतर अपने शब्दों पर खेद प्रकट नहीं करते और माफी नहीं मांगते तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी मंत्री की होगी।

कार्यक्रम का नेतृत्व संयुक्त वैश्य मोर्चा के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल मित्तल, संस्थापक शलभ गुप्ता एडवोकेट, मुख्य संयोजक सुनील तायल ने किया। इस दौरान सत्यप्रकाश मित्तल (वैश्य स्मारक ट्रस्ट), कांति राठी (महेश्वरी सभा), राजेन्द्र प्रसाद गर्ग (राजवंश सभा), रोहिताश करनवाल एडवोकेट (करनवाल सभा), मयंक बंसल (कदिमी सभा), सुरेन्द्र अग्रवाल (अग्रवाल महासम्मेलन), पवन सिंघल (वैश्य कुटुंब), श्रवण अग्रवाल (वैश्य महासभा), सचिन अग्रवाल (अंतरराष्ट्रीय वैश्य सम्मेलन), मनोज खंडेलवाल, दीपक मित्तल सर्राफ, अमित गुप्ता एडवोकेट, हिमांशु गोयल, विपिन गुप्ता, आर.के. गोयल, तरुण मित्तल, आकाश अग्रवाल सहित सैकड़ों वैश्य समाजजन मौजूद रहे।

समाज ने सरकार से मंत्री के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं संवैधानिक कार्रवाई की मांग की है, ताकि वैश्य समाज की भावनाओं को संतोष मिल सके।

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