दून वैली के छात्रों ने कांवड़ियों से की बातचीत, जाना भक्ति का महत्व
मुजफ्फरनगर,23 जुलाई। सावन माह में कांवड़ मेला पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह के साथ चल रहा है। जगह-जगह भगवा वस्त्रधारी कांवड़िये और “बम भोले” के जयकारे गूंज रहे हैं। इसी बीच दून वैली के छात्र शिव चौक पहुंचे और वहां कांवड़ियों से भक्ति और यात्रा के अनुभव साझा किए।
छात्रों ने कांवड़ियों से पूछा कि वे कहां से आ रहे हैं, जल कहां चढ़ाएंगे और यात्रा में उन्हें किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। साथ ही उन्होंने यह भी जाना कि किस मनोकामना से वे गंगाजल लेकर भगवान शिव को अर्पित करने जा रहे हैं।
स्कूल लौटकर छात्रों ने अपने अनुभव प्रधानाचार्या सीमा शर्मा, ब्रांच हेड एवं स्कूल प्रबंधक अनुराग सिंगल के समक्ष साझा किए। सीमा शर्मा ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए बताया कि समुद्र मंथन के समय भगवान शिव ने हलाहल विष अपने कंठ में धारण किया था, जिसके प्रभाव को शांत करने के लिए परशुराम जी गंगाजल लेकर आए थे और भगवान को अर्पित किया था। तभी से कांवड़ यात्रा की परंपरा का आरंभ हुआ, और यह भगवान शिव को प्रसन्न करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।
इस अवसर पर अनुराग सिंगल ने सभी शिक्षकों, नगरवासियों और बच्चों को शिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं तथा समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।

