मथुरा। मगोर्रा थाने के सरकारी आवास में रहने वाली महिला दारोगा के कमरे में घुसकर उप निरीक्षक द्वारा दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले की जांच सीओ गोवर्धन से हटा दी गई है। अब यह जांच मांट की महिला सीओ गुंजन सिंह करेंगी। शनिवार को जेल से आरोपित दारोगा के डीएनए सैंपल लेकर लैब भेजे गए हैं। पुलिस अब महिला दारोगा के न्यायालय में बयान दर्ज कराएगी।
मगोर्रा थाना परिसर में बने सरकारी आवास में महिला दारोगा बुधवार देर रात को अपने कमरे में थी। उसी दौरान थाने में तैनात दारोगा मोहित राणा जरूरी काम का बहाना बनाकर दरवाजा खुलवाया और जबरन अंदर घुस गया। आरोप है कि उप निरीक्षक ने महिला दारोगा को पकड़कर अपने कमरे में ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने धक्का देकर नीचे गिरा दिया और दुष्कर्म की कोशिश की।
मामला एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय तक पहुंचा तो उन्होंने दुष्कर्म की धारा में मुकदमा दर्ज कराकर दारोगा को जेल भेज दिया और उनको निलंबित करके रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। इस प्रकरण की जांच पहले सीओ गोवर्धन आलोक कुमार को सौंपी गई थी। लेकिन वादी महिला होने के कारण एसएसपी ने निष्पक्ष विवेचना कराने के लिए मांट की महिला सीओ गुंजन सिंह को जांच सौंपी है।

जेल में आरोपित दारोगा के लिए गए डीएनए सैंपल

एसपी ग्रामीण त्रिगुण बिसेन ने बताया कि आरोपित उपनिरीक्षक के शनिवार को जेल से डीएनए सैंपल कराकर लैब भेजे गए हैं। अब महिला दारोगा के न्यायालय के समक्ष 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। प्रकरण की सीओ मांट ने जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नहीं मिला मोबाइल, इसी में छिपे कई राज

मोहित राणा के मोबाइल में कई वीडियो हैं। इसमें कई राज भी छिपे हैं। बताया जा रहा है कि मोहित राणा ने महिला दारोगा को एक वीडियो दिखाया था। इसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। बाद में गुरुवार को जब एसपी देहात और सीओ गोवर्धन थाने पहुंचे और मोहित से पूछताछ की तो वह भागा। उसने अपना मोबाइल तोड़कर फेंक दिया। पुलिस उसके मोबाइल की तलाश कर रही है। सूत्रों का कहना है कि उस वीडियो में ऐसा कुछ है, जिससे कई अधिकारी भी सवालों के घेरे में आ सकते हैं।

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