प्रयागराज। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में यूपी बोर्ड कड़ी निगरानी करा रहा है। जिन परीक्षार्थियों के स्थान पर छद्म परीक्षार्थी पकड़े गए हैं, उनकी अन्य विषय की उत्तरपुस्तिकाओं में लिखावट को देखा जा रहा है कि एक जैसी है या अलग-अलग।
इसी तरह का मूल्यांकन आजमगढ़ और हरदोई में बाहर लिखी कापियां एसटीएफ द्वारा पकड़े जाने के मामले में भी बोर्ड करा रहा है। अलग-अलग लिखावट मिलने पर सिद्ध हो जाएगा कि नकल कराई गई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड परीक्षा के दौरान अलग-अलग जिलों में अलग-अलग विषय की परीक्षा में दूसरे के स्थान पर 49 छद्म परीक्षार्थी को पकड़ा गया।
इन सभी के विरुद्ध सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिस परीक्षार्थी के अनुक्रमांक पर साल्वर पकड़े गए हैं, उस अनुक्रमांक की अन्य विषयों की कापियों के मूल्यांकन की रिपोर्ट तैयार करने के लिए सचिव भगवती सिंह ने अलग से अधिकारी नियुक्त किए हैं। इसमें विशेष रूप से लिखावट को देखा जा रहा है।
इसी तरह बाहर लिखी पकड़ी गई कापियों के अनुक्रमांक की अन्य विषय की कापियों की भी मूल्यांकन रिपोर्ट अलग से तैयार कराई जा रही है। अलग-अलग लिखावट मिलने पर पुष्ट हो जाएगा कि नकल में साल्वर गैंग की संलिप्तता है। दर्ज मुकदमे में नकल कराने के साक्ष्य के रूप में यह रिपोर्ट काम आएगी।
इसके अलावा जिन केंद्रों पर नकल की आशंका जताते हुए राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों ने रिपोर्ट दी है, वहां की उत्तरपुस्तिकाओं का भी मूल्यांकन विशेष रूप से कराया जा रहा है। नकल की संलिप्तता में संबंधित विद्यालय की मान्यता तो जाएगी ही, साथ में दोषियों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शैक्षिक संवर्ग समूह-ख में नियम विरुद्ध कोटा का विरोध

शैक्षिक संवर्ग समूह-ख के पदों पर खंड शिक्षाधिकारियों को पदोन्नति न दिए जाने की राजकीय शिक्षक संघ की मांग शिक्षा निदेशालय से लेकर शासन तक में नहीं सुनी जा रही है। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा को पत्र लिखकर शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय एवं महामंत्री सत्यशंकर मिश्र ने बताया है कि योग्यता न होते हुए भी नियम विरुद्ध ढंग से खंड शिक्षाधिकारियों को 34 प्रतिशत कोटा समूह-ख के पदों पर दिए जाने की तैयारी है।
पत्र में चेतावनी दी है कि इस प्रक्रिया को नहीं रोका तो शिक्षक बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार करेंगे। कहा है कि राजकीय पुरुष एवं महिला शिक्षकों को 50-50 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया जाए और खंड शिक्षाधिकारियों को उनके कैडर में ही रखा जाए, क्योंकि यह कैडर उनकी मांग पर ही शासन द्वारा दिया गया था। मामले पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजकीय शिक्षक संघ ने अपर मुख्य सचिव से वार्ता के लिए समय मांगा है।

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