मेरठ। वर्ष 2015 में सौरभ बीटेक प्रथम ईयर की पढ़ाई कर रहा था। शास्त्री की कोठी के पास उसके कई दोस्त रहते थे। अक्सर घर से निकलकर दोस्तों से मिलने जाता था। तभी सौरभ की मुलाकात गौरीपुरा की मुस्कान से हो गई। उस समय मुस्कान शास्त्री की कोठी के पास सामान की खरीदारी करने आई थी। दोनों ने एक-दूसरे के नंबर ले लिए। सुबह से लेकर शाम तक बातचीत होने लगी।
पढ़ाई करते हुए सौरभ की मर्चेट नेवी में नौकरी लग गई। उसके बाद सौरभ ने परिवार के लोगों को अपनी मोहब्बत के बारे में जानकारी दी। तब परिवार के लोगों ने नाराजगी जाहिर की। बेटे की जिद के बाद पिता मुन्ना लाल मान गए। मुन्ना लाल भी इंडियन ऑयल डिपो में काम करते हैं। परिवार की बदनामी नहीं हो। इसलिए उन्होंने इस शादी पर रजामंदी प्रदान की।

सौरभ और मुस्कान ने किया प्रेम विवाह

सौरभ और मुस्कान का प्रेम विवाह हो गया। सौरभ परिवार में सबसे छोटा था। इसलिए परिवार के लोग उसे सबसे ज्यादा प्यार भी करते थे। मुस्कान ने परिवार के बीच रहने से इनकार कर दिया। इसी को लेकर रोजाना परिवार में झगड़ा होने लगा। इसी बीच सौरभ ने मर्चेट नेवी की नौकरी छोड़ दी।

सौरभ को परिवार ने कर दिया था बेदखल

2019 में परिवार ने सौरभ को बेदखल कर दिया। तब मुस्कान और सौरभ किराए के मकान में रहने लगे। इसी वर्ष मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया। अब तक सौरभ और मुस्कान एक दूसरे पर जान न्यौछावर करते थे। सौरभ मोटी रकम कमाने के लिए लंदन चला गया। वहां पर एक माल में सेल्समैनजर की नौकरी करने लगा। हर महीने मुस्कान के लिए पूरा खर्च भेजता था। दो साल का इंतजार अकेले मुस्कान नहीं कर पाई।

कक्षा दो में पढ़ती है पीहू

मुस्कान की बेटी पीहू कक्षा दो में पढ़ रही थी। इसलिए मुस्कान उसे रोजाना स्कूल छोड़ने और लेने जाती थी। तभी उसकी मुलाकात इंद्रानगर में रहने वाले साहिल शुक्ला से हो गई। साहिल के साथ घर तक आना जाना होने लगा। दोनों में इतनी नजदीकी हो गई कि पीहू को स्कूल तक छोड़ने के लिए साहिल जाने लगा। दो साल से दोनों साथ में रह रहे थे। अचानक ही 26 फरवरी को सौरभ लंदन से आ गया। उसके बाद साहिल और मुस्कान के मिलने पर प्रतिबंध लग गया। तब मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की प्लानिंग कर डाली।

साहिल ने सौरभ के सीने में चाकू मारकर हत्या की

चार मार्च की रात को मुस्कान ने साहिल को अपने घर पर बुलाया। रात के अंधेरे में साहिल घर में प्रवेश कर गया। बाथरूम के बाहर घंटों तक खड़ा रहकर साहिल ने सौरभ के सोने का इंतजार किया। रात करीब 11 बजे सौरभ के सो जाने पर साहिल ने उसके सीने पर चाकू से वार कर हत्या कर दी। उसके बाद शव को उठाकर बाथरूम में ले गए, जहां पर कटर से शव के टुकड़े−टुकड़े कर दिए।

सीमेंट का बैग साहिल आया था

साहिल बाइक पर रखकर सीमेंट का एक बैग लेकर मुस्कान के घर पर पहुुंचा। शव के टुकड़े प्लास्टिक के ड्रम में डालने के बाद ऊपर से सीमेंट पानी में घोलकर डाल दिया। दो बजे के बाद साहिल और मुस्कान दोनों ही घर पर सोए। उसके बाद सुबह ही शिमला के लिए निकल गए।

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