कानपुर। केस्को एमडी और निदेशक के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही अब 31 मार्च तक केस्को के 1400 कर्मचारियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान शुरू हो चुका है। आगामी 20 दिनों में सभी इंजीनियर और कर्मचारियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही शासन को केस्को रिपोर्ट भेजेगा। केस्को एमडी ने कहा कि स्मार्ट मीटर नहीं लगवाने वाले कर्मचारियों और इंजीनियरों का वेतन रोक दिया जाएगा।
स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर केस्को संयुक्त कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष विजय त्रिपाठी ने विरोध शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को फिक्स चार्ज का लाभ विभागीय सेवा शर्तों के अनुसार दिया जा रहा है। इस संबंध में शासनादेश जारी हुआ था, जिसमें रेलवे, रोडवेज की तरह ही केस्को कर्मचारियों को फिक्स चार्ज की सुविधा मिली थी। स्मार्ट मीटर लगने से उन्हें बिजली का बिल देना होगा। कर्मचारी अपने घरों में मीटर लगाने का विरोध करेंगे।
फिक्स चार्ज पर मिलती थी अनलिमिटेड बिजली
अभी तक केस्को के अधिकारियों, कर्मचारी और इंजीनियरो को फिक्स चार्ज पर अनलिमिटेड बिजली खर्च करने को मिलती थी, लेकिन अब स्मार्ट मीटर लगाने के बाद केस्को सभी के बिजली खर्च का हिसाब रखेगा। केस्को 582 करोड़ रुपये के बजट से एएमआइएसपी (एडवांस मीटरिंग इंफ्राटेक्चर प्रोवाइटर) योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगा रहा है।
31 मार्च के बाद सभी सरकारी कार्यालयों में फोर जी पोस्टपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू होगा। केस्को के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अभी तक केवल 417 रुपये प्रतिमाह का शुल्क देकर अनलिमिटेड बिजली जलाते हैं। जबकि अधीक्षण अभियंता से लेकर अवर अभियंता 890 से 1560 रुपये का फिक्स चार्ज देकर बिजली खर्च का लाभ लेते हैं। इसके साथ ही घर में एसी लगाने पर मात्र साढ़े छह सौ रुपये प्रतिमाह देना होता है। अब केस्कों कर्मियों के घरों में जलने वाली बिजली का हिसाब रखा जाएगा।
बिजली खर्च का पद के अनुसार फिक्स चार्ज का विवरण
| पद | फिक्स चार्ज |
|---|---|
| मुख्य अभियंता | 1766 |
| अधीक्षण अभियंता | 1560 |
| अधिशासी अभियंता | 1137 |
| सहायक अभियंता | 1057 |
| अवर अभियंता | 890 |
| बाबू, लाइनमैन, एसएसओ | 524 |
| चतुर्थ श्रेणी कर्मी | 417 |

