गजरौला। हत्याकांड का शिकार हुई प्रेमिका का नाम रोश खुराना उर्फ झिलमिल था। दो भाई-बहनों में वह सबसे बड़ी थीं। घर की स्थिति भी नाजुक है। पिता नंदकिशोर पेंटर हैं और मां ममता भी मजदूरी कर परिवार की गाड़ी चलाती हैं। एक छोटा भाई कृष्ण कुमार है।
इसी गृहस्थी के बीच में झिलमिल की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए हत्यारोपित अंकुश से 18 माह यानी डेढ़ साल पहले हुई थी। झिलमिल ने सोचा था कि अंकुश उसका सच्चा साथी बनेगा। लेकिन, शक की बुनियाद में दबे अंकुश ने सदा के लिए झिलमिल की जिंदगी को बुझा डाला।
झिलमिल की हत्या होने की सूचना मिलने पर स्वजन मंगलवार को गजरौला थाने में पहुंचे। यहां पर स्वजन अजय कुमार ने बताया कि झिलमिल लगभग एक साल पहले घर से बाहर नौकरी करने की बात कहकर निकली थीं।

घर में बताया था, नौकरी करने लगी है

उसने बताया था कि गजरौला में एक कंपनी में वह कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करने लगी है। इसलिए वहां पर ही रहना होगा। झिलमिल समय-समय पर अपने घर आती-जाती थीं लेकिन, हत्या के बाद पता चला कि उसकी कहीं नौकरी नहीं थी बल्कि, गेस्ट हाउस में ही अपने प्रेमी के पास रुकती थी।

अंकुश हरिद्वार भी आता था

स्वजन ने बताया कि अंकुश हरिद्वार में झिलमिल के घर पर भी आता-जाता था। इसलिए स्वजन भी अंकुश को जानते थे। यह भी पता चला है कि झिलमिल को अंकुश ने शादी करने का आश्वासन दे रखा था मगर, वह अब शादी करने से मना करने लगा था। इस बात को लेकर भी दोनों के बीच अनबन रहती थी। इस हत्या के पीछे यह भी एक बिंदु शामिल हो सकता है।

एक मार्च को मां का जन्मदिवस मनाने गई थी झिलमिल

गजरौला : स्वजन ने बताया कि झिलमिल की मां ममता का एक मार्च को जन्मदिवस था। उसको अच्छे से मनाने के लिए झिलमिल गजरौला से हरिद्वार गई और फिर अपनी मां व अन्य स्वजन को लेकर ऋषिकेश में जन्मदिवस मनाया था। शायद, उसकी मां को यह अनुमान भी नहीं होगा कि यह जन्मदिवस झिलमिल के साथ आखिरी होगा।

गेस्ट हाउस के लिए बदनाम है औद्योगिक क्षेत्र, अभिलेख किए जब्त

औद्योगिक क्षेत्र गेस्ट हाउस के लिए शहर का सबसे बदनाम इलाका है। यहां पर एक नहीं बल्कि कई गेस्टहाउस चल रहे हैं। जहां पर महिलाएं और युवतियां भी रहती हैं। रात के समय यहां संदिग्ध लोगों का भी आना-जाना लगा रहता है। इसके बाद भी औद्योगिक पुलिस चौकी का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। जबकि पूर्व में इस तरह की शिकायत पुलिस से की जा चुकी हैं।

किसी के नाम भी नहीं है दर्ज

सोचने की बात यह है कि चौकी की पुलिस के पास इन गेस्टहाउस के स्वमी और किरायेदारों के नाम-पते भी अंकित नहीं हैं। इसकी पोल भी मंगलवार को तब खुली, जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने चौकी के सिपाहियों से होटल के स्वामी और किरायेदारों के नाम पूछे तो वह बगले झांकने लगे। उधर, पुलिस ने हत्याकांड के बाद इस गेस्टहाउस के अभिलेख भी जब्त किए हैं। जिनमें आने-जाने वाले लोगों की एंट्री आदि हैं। उधर, इस क्षेत्र में कुछ समय पहले भी एक हत्यारोपित ने अपने मकान स्वामी की हत्या कर दी थी।

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