फतेहगंज पश्चिमी। अर्थव्यवस्था को बाधित करने की साजिश फतेहगंज पश्चिमी के चिटिया जगन्नाथपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान डंपी रच रहा है। वह महज 30 हजार रुपये में एक लाख रुपये के नकली नोट देकर बाजार में उन्हें चलवा रहा है। इसके पीछे वह अकेला नहीं बल्कि पूरा गिरोह लगा हुआ है। फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा तो मामले से पर्दा उठा।
पुलिस ने दो आरोपितों को 51 हजार से अधिक रुपये के नकली नोटों के साथ उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने पूर्व प्रधान का नाम लिया। तीनों के विरुद्ध पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है। दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जबकि पूर्व प्रधान की तलाश जारी है।
रविवार शाम टिटौली से सोरहा रोड पर पुलिस गश्त कर रही थी। इसी बीच सूचना मिली कि दो आरोपित नकली नोटों के साथ आ रहे हैं। वह बाजार में उन्हें चलाकर मोटा मुनाफा कमाएंगे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची रास्ते से आ रहे दो संदिग्धों को रोककर तलाशी ली तो उनके पास से एक काली पन्नी में 100-100 के नोट दिखाई दिए।

पुलिस की पूछताछ में खाेले राज

नोटों की गिनती की गई तो वह 514 नोट यानी 51 हजार 400 रुपये थे। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर नोटों की जांच की तो वह नकली निकले। पुलिस ने दोनों आरोपितों को पकड़कर उनसे पूछताछ शुरू की तो उन्होंने अपना नाम टिटौली गांव निवासी मो. यामीन और धौरा टांडा निवासी अनमोल गुप्ता बताया। उन्होंने स्वीकारा कि वह नकली नोट ही हैं।

नोट कहां से लेकर आए तब बताया नाम

पुलिस ने पूछा कि वह कहां से लेकर आते हैं तो आरोपितों ने बताया कि उन्हें यह नोट चिटिया जगन्नाथपुर के पूर्व प्रधान डंपी से लेकर आते हैं। वह 30 हजार रुपये में एक लाख रुपये के नकली नोट देता है। जिन्हें बाजार में खपाने के बाद दोनों मोटा मुनाफा कमाते हैं।

डंपी कहां से ला रहा है ये पता नहीं

डंपी के पास वह नोट कहां से आते हैं इस बात की जानकारी दोनों आरोपितों नहीं थीं। ऐसे में पुलिस ने पूर्व प्रधान डंपी, मो. यामीन और अनमोल गुप्ता के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है। पुलिस ने आरोपितों के पास से नकली नोटों के साथ ही मोबाइल फोन, एटीएम, पेनकार्ड आदि बरामद किए हैं।

नकली नोटों के पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ

जिले में नकली नोटों के साथ पूर्व में भी कई लोग पकड़े जा चुके हैं। पिछले दिनों इज्जतनगर पुलिस ने भी नकली नोटों के साथ आरोपितों को गिरफ्तार किया था। अब फतेहगंज पश्चिमी में भी दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस अब धीरे-धीरे सभी लोगों से पूछताछ करते हुए इस गिरोह का राजफाश करने में जुटी है।

छोटे दुकानदार और त्योहारों के बाजारों में खपाते हैं नोट

आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि, वह छोटे दुकानों, ठेले वालों आदि के साथ ही वह त्योहारों के बाजारों में यह नोट खपाते हैं। क्योंकि इस समय में सभी दुकानदार जल्दबाजी में होते हैं और वह हल्की नजर मारकर ही नोट को रख लेते हैं। जिससे पहचान नहीं हो पाती। वह कोशिश यह करते हैं कि जहां भीड़ ज्यादा हो उन्हीं स्थानों पर जाया जाए। भीड़ में नकली नोट को खपाना आसान होता है।

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