प्रयागराज। औरंगजेब को सपा नेता अबू आसिम आजमी की ओर से अच्छा शासक बताने पर विवाद बढ़ता जा रहा है। संतों के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद व मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
औरंगजेब को क्रूर और अन्यायी बताते हुए उसका गुणगान करने वालों का मतदान करने का अधिकार समाप्त करने की मांग उठाई है। कहा कि मुगल आक्रांत थे। वह भारत को लूटने आए थे। सनातन धर्मावलंबियों के साथ हिंसा की। तलवार के बल पर मतांतरण कराया। मतांतरण न करने वालों को प्रताड़ित करके मरवाया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हर माध्यम के स्कूलों में चलने वाली पुस्तकों से मुगलों को महान बताने वाला पाठ्यक्रम हटाने की मांग की है। इसको लेकर अखाड़ा परिषद का प्रतिनिधिमंडल उनसे भेंट भी करेगा।
उन्होंने कहा कि बाबर, हुमायूं, शेरशाह सूरी, अकबर, जहांगीर, आलमगीर सहित समस्त मुगल शासकों का कृत्य घृणित था। वह वीर थे, न ही महान। उन्होंने छल-कपट से हमारे राजाओं से युद्ध करके पराजित किया था। उस दौर के भेदियों ने उनका साथ दिया। वामपंथी इतिहासकारों ने षड्यंत्र के तहत सनातन धर्मावलंबियों का अपमान करने के लिए असंस्कारी, क्रूर शासकों का बखान किया है। उन्होंने हमारे वीर राजा, रानियों और क्रांतिकारियों को कमतर बताया।

सरकार इत‍िहास को नए स‍िरे ल‍िखवाकर सामने लाए

सरकार इतिहास को नए सिरे से लिखवाकर उन्हें सम्मान देते हुए सच्चाई सबके सामने लाए। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राजनीतिक दलों के नेता आक्रांताओं की महिमा बखान रहे हैं। उन्हें महान बताया जा रहा है यह अक्षम्य है। ऐसे नेताओं को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिससे दोबारा ऐसा बोलने की हिम्मत कोई न करने पाए। महान हमारे गुरु तेगबहादुर, गुरु गोबिंद सिंह, छत्रपति शिवाजी महाराज, सम्भाजी महाराज, पृथ्वीनाथ चौहान, रानी लक्ष्मीबाई जैसे असंख्य लोग थे, जिनके ऊपर हमें गर्व है।

‘सपा अपने विधायक को भेजे यूपी, अच्छे से होगा इलाज’

इससे पहले यूपी विधान परिषद में बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अबू आजमी का नाम लिए बिना कहा कि ऐसे विधायक को सपा को तत्काल निलंबित करना चाहिए। सपा विधायक के बयान से आक्रोशित योगी ने कहा कि ऐसे विधायक को तो सपा को यूपी भेजना चाहिए। यहां हम अच्छे से उसका इलाज करेंगे। जो छत्रपति शिवाजी की परंपरा पर लज्जा महसूस करता हो और औरंगजेब को नायक मानता हो, क्या उसे भारत में रहने का अधिकार है?

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