प्रयागराज। संभल स्थित जामा मस्जिद में रमजान के मौके पर सफेदी – मरम्मत व लाइटिंग के लिए अनुमति मांगने वाली मस्जिद इंतेजामिया कमेटी ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट पर अपना जवाब दाखिल इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल कर दिया है।
प्रकरण में अगली सुनवाई अब 10 मार्च को होगी। जवाब दाखिल करने के लिए विपक्षी को समय दिया गया है। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल मस्जिद कमेटी की याचिका की सुनवाई कर रहे हैं। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सिर्फ सफाई की अनुमति दी थी।
मंदिर पक्ष ने जताई थी ये आशंका
कहा था कि यह काम एएसआइ कराएगी। इसमें प्रशासन की दखल नहीं होगी। एएसआइ ने अपनी रिपोर्ट में सफेदी व मरम्मत की जरूरत से इन्कार किया है। कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की मांग पर एएसआइ की टीम बनाकर उससे रिपोर्ट तलब की थी। मंदिर पक्ष की तरफ से अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने सफाई व मरम्मत की आड़ में मंदिर के चिह्न मिटाए जाने की आशंका जताई थी।
राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता ने कानून व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया था। मस्जिद कमेटी के अधिवक्ता ने कहा था कि वर्ष 1927 में हुए समझौते के अनुरूप सफेदी व मरम्मत हर साल कराई जाती रही है।

