लखनऊ। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का रन वे शनिवार से बंद कर दिया गया है। यहां रन वे पर कार्यदायी संस्था द्वारा मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं विमानों की समयसारिणी बदलने व निरस्त होने से हजारों यात्रियों को पहले ही दिन परेशानी उठानी पड़ी।
यात्रियों का कहना था कि विमानन कंपनियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। चंद दिनों पूर्व घोषणा कर देना कि विमानों का संचालन रन वे के कारण नहीं होगा, इससे उन यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है, जिनकी कनेक्टिविटी फ्लाईटें हैं। शनिवार को 118 फ्लाइटें शाम छह से सुबह 10 बजे के बीच सिमट गई हैं।
भीड़ संभालना हुआ मुश्किल
ऐसे में पहले ही दिन शाम पौने छह बजे के करीब एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ इतनी अधिक हो गई कि संभालना मुश्किल हो गया। दूसरी ओर करीब आठ हजार से अधिक यात्रियों ने रिफंड मांगा है। मार्च से मध्य जुलाई तक रनवे बंद रहने से करीब 1.8 लाख यात्री प्रभावित हुए हैं।
एयरलाइंस कंपनि‍यों को उठाना पड़ सकता है नुकसान
इन्हें रिफंड करने से एयरलाइंस कंपनियों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। निजी एयरलाइंस के विमानों की संख्या के हिसाब से करीब 19 हजार से अधिक एडवांस हवाई टिकट बुक थे। किसी को गर्मियों की छुट्टियों में घूमने जाना था तो किसी को अपने घर आना था। अब सबका बजट बिगड़ गया है।
कई लोगों ने ले रखा था डॉक्‍टरों से समय
ऐसा इसल‍िए क्योंकि जिन्होंने घूमने के लिए होटल व ट्रैवल की बुकिंग कराई थी उन्‍हें फ्लाइट निरस्त होने से आगे की बुकिंग भी निरस्त करवानी पड़ रही है। एयरलाइंस ने या तो फ्लाइट निरस्त की है या फिर विमानों के संचालन में परिवर्तन कर दिया है। इनमें कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्हें, दिल्ली, मुंबई के अस्पतालों में इलाज के लिए जाना था और डॉक्टरों से समय ले रखा था।
रि‍फंड करने के साथ कई ऑप्‍शन भी दे रहीं एयरलाइंस कंपन‍ियां
अब यह लोग अपना पैसा लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। एयरलाइंस कंपनियां रिफंड तो कर रही हैं लेकिन विकल्प भी दे रही हैं। यात्री अपनी समयसारिणी के हिसाब से विमान में सफर करना चाहते हैं और विमानन कंपनियां अपने स्लॉट के हिसाब से यात्री को भेजना चाहती हैं। ऐसे में यात्रियों और एयरलाइंस कर्मियों के बीच तकरार भी बढ़ गई है।
रन वे खुला, विमान विलंब से हुए लैंड
शनिवार शाम रनवे तो छह बजे के आसपास खुल गया लेकिन दूसरे स्थानों से विमान आने थे उनकी लैंडिंग में समय लग गया। ऐसे में बोर्डिंग 6:30 के बाद ही शुरू हुई। इसके बाद मात्र 10 मिनट के अंतर पर कई विमान होने के कारण बड़ी संख्या में यात्री एयरपोर्ट के टर्मिनल तीन पहुंच गए।
सीआइएसएफ ने संभाला मोर्चा
शेड्यूल होल्डिंग एरिया से विमान तक पहुंचने में यात्रियों को अत्यधिक भीड़ के कारण परेशानी उठानी पड़ी। भीड़ को देखते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने किसी तरह यात्रियों को कतार में लगाते हुए व्यवस्था संभाली। साथ ही एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी अपने 150 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया और यात्रियों से सहयोग मांगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *