जींद। भाजपा के टिकट पर दिल्ली के शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतने वाली नंदगढ़ गांव की बेटी रेखा गुप्ता अब दिल्ली की मुख्यमंत्री बनेंगी। जैसे ही उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया, उनके गांव नंदगढ़ से लेकर जुलाना मंडी व जींद में रह रहे उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

नंदगढ़ गांव निवासी पूर्व सरपंच हरिओम ने बताया कि बेशक रेखा गुप्ता का परिवार करीब 49 साल पहले गांव से चले जाने के बाद भी उनका जुड़ाव है। हालांकि, उनका पुस्तैनी मकान गांव के ही चांदीराम ने ले लिया था और उनका परिवार वहां रहता रहता है।

राजनीति से परिवार का कोई नाता नहीं

वहीं ,जुलाना मंडी में आढ़त की दुकान चलाने वाले रेखा गुप्ता के चाचा रमेश जिंदल ने बताया कि उनके परिवार में कोई भी राजनीति में नहीं रहा है। रेखा गुप्ता करीब दो साल की थी, जब उनका परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया। उनकी पूरी शिक्षा व राजनीतिक जीवन दिल्ली में ही चला है।

महिला को मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में रेखा गुप्ता को इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। यही हुआ भी। बुधवार शाम को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुन लिया गया। रेखा गुप्ता का जन्म नंदगढ़ गांव 1974 में हुआ था। जब वे दो साल की थीं, उनके पिता मनीराम की नौकरी स्टेट बैंक आफ इंडिया में लग गई।

नौकरी के लिए वे दिल्ली चले गए और 1976 में पूरे परिवार को दिल्ली ले गए। हालांकि फिलहाल गांव में उनके परिवार से कोई भ नहीं रह रहा है। रेखा गुप्ता के चाचा गंगाराम व ताऊ जयभगवान के परिवार भी दिल्ली ही रहते हैं।

जींद से पहली बार मुख्यमंत्री

जींद जिला में जन्म लेने वाला कोई नेता पहली बार मुख्यमंत्री बना है। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह लगातार हरियाणा के मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। अब बेशक हरियाणा नहीं दिल्ली में जींद की बेटी मुख्यमंत्री बनने जा रही है। इससे क्षेत्र में काफी खुशी है।

मंडी में रात के समय भाजपा के झंडों के साथ झूमे लोग

देर शाम रेखा गुप्ता का मुख्यमंत्री बनना तय होने के साथ ही जुलाना की अनाज मंडी में उनके चाचा रमेश जिंदल की दुकान पर आसपास के लोग व भाजपा कार्यकर्ता एकत्रित होना शुरू हो गए।

यहां लड्डू बांट कर व पटाखे छुड़ाकर जश्न मनाया गया। रमेश जिंदल ने कहा कि रेखा स्कूल के समय ही राजनीति में सक्रिय रही और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ कर दिल्ली विश्व विद्यालय में भी प्रधान बनी। अब विधायक बनने पर भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया है। यह उनके परिवार के लिए खुशी का मौका है।

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