काशी विद्यापीठ ब्लॉक। एक जनवरी 2025 से शुरू हुए फार्मर रजिस्ट्री की सुस्त रफ्तार को गंभीरता से लेते हुए उप कृषि निदेशक अखिलेश सिंह ने फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लगाए गए क्षेत्रीय कृषि कर्मियों को कार्य में तेजी नहीं लाने पर चेतावनी जारी की है।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि वाराणसी में दो लाख 89 हजार 190 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक 95 हजार 283 कृषकों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो सकी है, जो महज 33 प्रतिशत है। इस कार्य के लिए लगाए गए कृषि विभाग के कृषि प्राविधिक सहायक, बीटीएम आदि क्षेत्रीय कृषि कर्मियों को किसानों से संपर्क उन्हें फार्मर रजिस्ट्री का लाभ बताते हुए जागरूक करने को कहा गया है।
इसके साथ ही निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष फार्मर रजिस्ट्री का कार्य जल्द पूर्ण नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने पर नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि

उप कृषि निदेशक अखिलेश सिंह ने बताया कि जिस किसान का फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगा, उसे आगामी पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल सकेगा। उनका यह भी कहना था कि किसान अपना आधार कार्ड, मोबाइल, खतौनी लेकर नजदीक जनसेवा केंद्र पर जाकर फार्मर रजिस्ट्री करवा सकता है। इसके लिए जनसेवा केंद्र को मात्र 15 रुपये देना होगा।

किसानों से फार्मर रजिस्ट्रेशन के नाम पर हो रही है अवैध वसूली

उधर, प्रयागराज के उग्रसेनपुर में इन दिनों किसान अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन करने के लिए परेशान हैं। जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी के उदासीनता के चलते क्षेत्र के सरकारी व्यवस्था नगण्य होने के कारण साइबर कैफे वाले सौ व दो रुपये से लेकर पांच सौ रूपये में एक किसान का फार्मर रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं।

विभिन्न सरकारी योजनाओं में फार्मर रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता का भरपूर लाभ साइबर कैफे संचालक उठा रहे हैं। विकासखंड प्रतापपुर क्षेत्र के पंचायत सचिवालयों और अन्य सरकारी कर्मचारीयों द्वारा फार्मर रजिस्ट्रेशन की कोई व्यवस्था न होने के कारण हताश व निराश किसान साइबर कैफे की शरण ले रहे हैं। उग्रसेनपुर बाजार क्षेत्र के आसपास कई साइबर कैफे में सुबह से देर रात तक रजिस्ट्रेशन करने वाले किसानों की भीड़ लगी रहती है।

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