वर्ष 2023 में पूरे मुरादाबाद मंडल से दो करोड़ रुपये की ठगी हुई थी लेकिन, वर्ष 2024 में अकेले मुरादाबाद जिले से 11 करोड़ रुपये की ठगी हो चुकी है। अब साइबर ठग लोगों को शेयर बाजार में रुपये लगाने नाम पर ठग रहे हैं। ठगी का सिलसिला तेज हुआ तो साइबर पुलिस ने भी आरोपितों को पकड़ने के लिए तेजी दिखानी शुरू कर दी।
पूरे साल में ऐसे 50 लोगों के पास पहुंच गई जिनके खाते में ठगी के रुपये पहुंचे
पुलिस ने पूरे साल में ऐसे 50 लोगों के पास पहुंच गई जिनके खाते में ठगी के रुपये पहुंचे। इसमें सबसे अधिक लोग राजस्थान और आंध्र प्रदेश के थे। पुलिस उन लोगों तक पहुंची तो पता चला कि जिन खातों में रुपये पहुंचे उनका संचालन तो कोई और कर रहा है। इसमें अधिकांश वह लोग थे जिनसे मजदूरी पर काम कराया गया और मजदूरी के रुपये खाते में देने की बात कहते हुए उनका खाता बैंकों में खुलवाकर खुद संचालित कर रहे थे।
मुरादाबाद से हुई ठगी के रुपये जिस खाते में पहुंचे वह एटा का रहने वाला था। पुलिस ने उसे दिल्ली में पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि यह खाता तो मैंने काफी पहले खुलवाया था। इस खाते में मेरे मजदूरी के रुपये दिए जाते थे, लेकिन बाद में इस खाते को कौन संचालित कर रहा है। यह उसे भी नहीं पता। पुलिस वहां तक भी पहुंची जिसके यहां पर उसने काम किया था। उसने बताया कि मेरे यहां पर रहकर इसने मकान निर्माण के दौरान काम किया था। मैं तो रुपये ठेकेदार को देता था, लेकिन उस ठेकेदार ने भी मकान मालिक को अपना गलत पता दे रखा था।
जांच में यह पता चला है कि मजदूरों के खाते खुलवाकर उनमें ठगी के रुपये आरोपित मंगाते हैं। इस बात की जानकारी मजदूरों को भी नहीं होती है। कुछ मजदूरों तक पुलिस पहुंची तो इस मामले की जानकारी हुई। ठग विदेशों में बैठकर ठगी कर रहे हैं। लोगों को जागरूक होना होगा।

