वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल, दंत चिकित्सा विज्ञान, ट्रामा सेंटर, आयुर्वेद व मेडिसिन संकाय में आए दिन संकाय सदस्यों, रेजिडेंट्स व कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने की शिकायतें आती हैं। मरीजों और उनके स्वजन को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार ऐसे मामलों पर परदा डालते हैं।
नेशनल मेडिकल काउंसिल ने सख्ती की तैयारी की है और चिकित्सा विज्ञान संस्थान को आईना दिखाया है। शनिवार को बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम की रिपोर्ट साझा की है। रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को करीब 511 फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट्स और कर्मचारियों की अनुपस्थिति रही। सिर्फ 447 लोगों ने ही आनलाइन अटेंडेंस दर्ज कराई है जबकि 92 लोगों के बाहर होने की पुष्टि हुई है जबकि 958 लोग सक्रिय रूप से इस दायरे में लाए गए हैं। जो ड्यूटी पर आए भी, उनमें 56.2 प्रतिशत लोग ऐसे थे जो सुबह नौ बजे के बाद अटेंडेंस दर्ज कराए।
ऐसे में अस्पताल व फैकल्टी का कार्य प्रभावित हुआ। यह स्थिति कई सप्ताह से बरकरार है, इसमें व्यापक सुधार करने की चेतावनी जारी की गई है। आइएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि व्यवस्था में काफी सुधार की आवश्यकता है, इसके लिए बैठक भी की गई थी। कई जिम्मेदारों को चेताया भी गया है कि वे समय पर ड्यूटी पर आएं और अटेंडेंस जरूर दर्ज करें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।

ड्यूटी का समय

आठ बजे से कक्षाएं चलेंगी

नौ बजे से ओपीडी चलेगी

शनिवार की बायोमेट्रिक अटेंडेंस

समय प्रतिशत
सुबह 9 बजे तक 18.8%
सुबह 9 से साढ़े 9 बजे तक 25%
सुबह साढ़े 9 से 10 बजे तक 15.6%
सुबह 10 से 11 बजे तक 17.7%
सुबह 11 बजे के बाद 22.9%

लापरवाही में आइएमएस झेल चुका 13 लाख का जुर्माना

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन नेशनल मेडिकल काउंसिल प्रतिदिन अटेंडेंस की निगरानी कर रहा है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो रही है। व्यवस्था में लापरवाही बरतने के कारण आइएमएस को 13 लाख रुपये का जुर्माना लग चुका है।
पिछले दिनों चिकित्सा विज्ञान संस्थान ने अनुपस्थित लोगों के खिलाफ वेतन की कटौती करने की संस्तुति की थी। अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए ओपीडी, क्लास रूम, आइएमएस कार्यालय, विभाग, वार्ड, आपरेशन थिएटर और इमरजेंसी में करीब 40 बायोमेट्रिक व फेस स्कैनिंग मशीनें इंस्टाल की गई हैं। ड्यूटी की निगरानी के लिए प्रतिदिन सुबह नौ से 11 बजे तक निगरानी भी की जा रही है, इसके लिए सलाहकार को अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली है। कुलपति, रजिस्ट्रार और निदेशक को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

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