चारधामों में गिरी बर्फ
मंगलवार को सुबह से ही पर्वतीय जनपद चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी और उत्तरकाशी में घने बादल छाए रहे। यहां बर्फीली हवाएं चलने से ठंड में एकाएक इजाफा हो गया। दोपहर एक बजे से हल्की वर्षा शुरू हुई और चारधामों में बर्फबारी शुरू हो गई। चारधाम के अलावा त्रियुगीनारायण, चोपता, हेमकुंड साहिब, गौरसों, औली, हर्षिल आदि क्षेत्रों में भी बर्फबारी जारी रही।
यहां है कड़ाके की ठंड
इसके अलावा निचले क्षेत्र विष्पुप्रयाग, तपोवन, गुप्तकाशी, जोशीमठ, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, पांडुकेश्वर, उत्तरकाशी, चंद्रबदनी, यमकेश्वर, बड़कोट आदि क्षेत्रों में तीन से पांच मिमी वर्षा रिकार्ड की गई, जिससे इन क्षेत्रा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
उधर, देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह जपवदों में दिनभर बादल छाए रहने से तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक अधिक 22.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि बीते सोमवार को दून का अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा था।
मौसम का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि बुधवार को देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा होने की संभावना है। ऊंची चोटियों पर हिमपात हो सकता है।
अचानक मौसम बदला, बूंदाबांदी से ठंड बढी
मसूरी। बीते सोमवार को मसूरी का मौसम बहुत खुशगवार रहा लेकिन मंगलवार सुबह शहरवासी नींद से जागे तो हल्की फुल्की फुहारें पड़ रही थी जिससे मौसम में ठंडक बढ गयी। मौसम में आए इस बदलाव से शहरवासी अच्छी बारिश की आस में दिन भर आसमान को ताकते रहे लेकिन अनेक बार बूंदाबांदी के बाद भी अच्छी बारिश नहीं हो सकी।
हालांकि रात तक आसमान में बादल डेरा जमाए हुए हैं और बारिश की संभावनाएं बरकरार है। फसलों को भी बारिश न होने से नुकसान हो रहा है। इस साल अभी तक मसूरी व धनोल्टी आदि क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं होने से गर्मियों के दिनों में पानी की कमी होने की आशंकाएं पैदा हो रही है।

