नौबस्ता के बूढ़पुर मछरिया निवासी मो. हसन की पत्नी फराह नाज सोमवार को 40 दिन की बेटी फिजा को टीका लगवाने डफरिन अस्पताल आई थीं। यहां के बाद वह दोपहर में मुख्य डाकघर गईं। वहां पर उन्हें आधार कार्ड में नाम बदलवाना था। वह लाइन में लगी हुई थीं। इस बीच फिजा ने डाइपर गीला कर दिया। वह उसका डाइपर बदल रही थीं, तभी पास में बैठी एक महिला ने उनकी मदद की। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इसी बीच डाकघर में फोटो खिंचाने के लिए फराह का नाम बुलाया गया।
महिला ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह बच्ची को देख रही है, जाकर फोटो खिंचा लें। फराह जब फोटो खिंचवाकर वापस आईं तो उन्हें महिला नहीं दिखी। उन्होंने इधर उधर देखा लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। उन्होंने पति को जानकारी दी।

एसीपी के निर्देश पर पांच टीमों ने शुरू की जांच

स्वजन के आने पर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। इस पर एसीपी कोतवाली आशुतोष, इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने पांच टीमें बनवाईं। मुख्य डाकघर के कैमरे में बच्ची को ले जाते हुए महिला की फुटेज और उसका चेहरा भी आ गया। पुलिस की पांचों टीमों ने आपरेशन त्रिनेत्र के अंतर्गत लगे कैमरों की फुटेज खंगाली। करीब 35 कैमरे देखे गए।

महिला कोतवाली क्षेत्र से होते हुए परेड और फिर चमनगंज की ओर जाती हुई नजर आई। पुलिस ने चमनगंज के मुखबिरों से संपर्क किया और महिला की शिनाख्त की। एसीपी आशुतोष ने बताया कि आरोपित महिला चमनगंज निवासी अफसाना बानो है। बच्ची उसके घर पर मिली है।
पूछताछ में उसने बताया कि छोटे भाई के घर में बच्चे नहीं है। उसके लिए बच्ची को चोरी किया। इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि आरोपित महिला के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

फराह के आगे हाथ जोड़ गिड़गिड़ाई

पुलिस ने आरोपित अफसाना बानो को गिरफ्तार किया तो वह सिर पर हाथ रखे बदहवास सी थी। इस बीच फराह नाज अपनी बेटी को लिए खड़ी हुई थी और पुलिस आरोपित को लेकर जाने लगी। फराह नाज के सामने अफसाना हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगी।